Haryana Monsoon Forecast: हरियाणा के 7 जिलों में सूखे जैसे हालात, जानिए कब होगी झमाझम बारिश
चंडीगढ़: मानसून की सुस्ती झेल रहे हरियाणा में अब बारिश की उम्मीद बढ़ गई है. मौसम विज्ञान विभाग चंडीगढ़ के अनुसार, 21 अगस्त की रात से मानसूनी गतिविधियां फिर सक्रिय होंगी और 23 अगस्त तक प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में बारिश की संभावना है. उत्तरी हरियाणा के ऊपर नया साइक्लोनिक सर्कुलेशन बन रहा है. इसके साथ मानसून टर्फ की अक्षय रेखा अमृतसर, नजीबाबाद और फतेहगढ़ होते हुए बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है.
23 अगस्त तक बारिश का दौर: मौसम विभाग के मुताबिक 21 से 23 अगस्त के बीच प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में तेज हवाओं, गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. कुछ इलाकों में भारी बारिश भी हो सकती है. इस दौरान आसमान में बादल छाए रहेंगे और दिन के तापमान में हल्की गिरावट आने की संभावना है, जबकि रात का तापमान थोड़ा बढ़ सकता है.
24 अगस्त के बाद फिर थमेगी बारिश: 24 अगस्त के बाद मौसम एक बार फिर करवट लेगा. मौसम विभाग के अनुसार 24 अगस्त के बाद मानसून टर्फ के हिमालय की तलहटी की ओर खिसकने से बारिश की गतिविधियों में कमी आएगी और मौसम परिवर्तनशील बना रहेगा. यानी प्रदेश में अगले तीन दिन बारिश के बाद मानसून की सक्रियता कमजोर पड़ सकती है.
कुरुक्षेत्र में 99.5 मिमी बारिश: पिछले 24 घंटों में कुरुक्षेत्र और यमुनानगर में अच्छी बारिश दर्ज की गई. कुरुक्षेत्र में सबसे ज्यादा 99.5 मिमी, जबकि यमुनानगर में 66.5 मिमी बारिश हुई. पंचकूला में 17, गुरुग्राम में 11, फरीदाबाद में 9.5 और कैथल में 3 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई. हिसार 36.9 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म रहा.
सीजन में 17% बारिश कम: हरियाणा में 1 जून से 20 अगस्त तक सामान्य के मुकाबले 17% कम बारिश हुई है. इस अवधि में सामान्य बारिश 307.6 मिमी रहती है, जबकि इस बार 254.5 मिमी पानी ही बरसा. प्रदेश के सात जिलों में बारिश की स्थिति बेहद कमजोर रही है.
सात जिलों में सूखे जैसे हालात: जींद में सामान्य से 52%, अंबाला में 51%, कैथल में 49%, सिरसा में 47%, पंचकूला में 44%, रोहतक में 36% और करनाल में 33% कम बारिश दर्ज हुई. वहीं भिवानी, कुरुक्षेत्र, पलवल, चरखी दादरी, फतेहाबाद और रेवाड़ी में सामान्य से अधिक बारिश हुई है.

