Monsoon Forecast Haryana: अगस्त में सामान्य से कम बरसे बादल, अब सितंबर में बारिश की गतिविधियों में होगी बढ़ोतरी
चंडीगढ़: हरियाणा में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ने के संकेत दिए हैं. पाकिस्तान के ऊपर बने मजबूत चक्रवातीय परिसंचरण और मानसूनी ट्रफ के हिमालयी क्षेत्र से मैदानी इलाकों की ओर खिसकने से प्रदेश में बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है. आज पंचकूला, अंबाला और यमुनानगर में तेज बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है.
कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश: मौसम विभाग के मुताबिक अलर्ट वाले तीन जिलों के अलावा प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. मौसम में बदलाव से तापमान में कुछ राहत मिलने की उम्मीद है. आगामी दिनों में बारिश की गतिविधियां और बढ़ने का अनुमान है.
किसानों के लिए मौसम विभाग की एडवाइजरी: बारिश की संभावना को देखते हुए किसानों को अगले 3-4 दिन फसलों में सिंचाई नहीं करने की सलाह दी गई है. साथ ही इस दौरान किसी भी तरह के रसायन या कीटनाशक का छिड़काव नहीं करने को कहा गया है. मौसम साफ होने के बाद ही दवाओं का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है.
कपास और धान की फसलों पर नजर जरूरी: मौसम विभाग के अनुसार हवा में नमी बढ़ने से कपास में सफेद मक्खी और धान में जड़ सुंडी का प्रकोप बढ़ सकता है. ऐसे में किसानों को फसलों की नियमित निगरानी करने और मौसम अनुकूल होने पर ही आवश्यक दवाओं का प्रयोग करने की सलाह दी गई है.
3 सितंबर को 10 जिलों में बारिश के आसार: 3 सितंबर को मानसूनी गतिविधियां बढ़ने की संभावना है. पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, पानीपत, सोनीपत, गुरुग्राम और फरीदाबाद में यलो अलर्ट के साथ मध्यम से भारी बारिश हो सकती है.
4 और 5 सितंबर को और बढ़ेगी बारिश: 4 सितंबर को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश के आसार हैं. उत्तरी और पूर्वी जिलों में यलो अलर्ट जारी रह सकता है. 5 सितंबर को मानसून की गतिविधियां और तेज होने का अनुमान है. दक्षिण-पूर्वी और उत्तरी हरियाणा के करीब 10-12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है.
अगस्त में तीन साल की सबसे कम बारिश: अगस्त में हरियाणा में सामान्य 146.1 मिमी के मुकाबले 135.4 मिमी बारिश हुई. यह सामान्य से करीब 7% कम और पिछले तीन वर्षों में अगस्त की सबसे कम बारिश है. 1 जून से 31 अगस्त तक प्रदेश में 283.4 मिमी बारिश दर्ज हुई, जबकि सामान्य आंकड़ा 349.9 मिमी है.
कुछ जिलों में ज्यादा, कई में बारिश की कमी: नूंह में सामान्य से 25%, पलवल में 26%, गुरुग्राम में 17%, फरीदाबाद में 7% और भिवानी में 41% अधिक बारिश हुई. दूसरी ओर करनाल में 68%, जींद में 51%, कैथल में 49%, अंबाला में 37% और रोहतक में 19% बारिश कम दर्ज की गई. पिछले 24 घंटों में हिसार प्रदेश का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 38.2°C दर्ज किया गया. भिवानी में 36.5°C और अंबाला में 36.2°C तापमान रहा. हिसार के बालसमंद में न्यूनतम तापमान 24.5°C दर्ज हुआ, जो प्रदेश में सबसे कम रहा.