IMD Haryana Forecast: इस साल सामान्य से 23% कम हुई बारिश, पिछले 26 सालों में 19 बार मानसून रहा कमजोर

हरियाणा में मानसून की विदाई शुरू। 9 शहरों में तापमान 35 डिग्री के पार पहुंचा। इस साल सामान्य से 23% कम दर्ज हुई बारिश।
 
monsoon withdrawal Haryana

चंडीगढ़: हरियाणा में मानसून की विदाई के साथ मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है. रात और सुबह के तापमान में गिरावट से हल्की ठंडक महसूस होने लगी है, लेकिन दिन में तेज धूप के कारण गर्मी फिर बढ़ गई है. प्रदेश के कई हिस्सों में दिन का तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया है.

9 शहरों में तापमान 35°C पार: मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार हरियाणा के 9 शहरों में अधिकतम तापमान 35°C या उससे ऊपर दर्ज किया गया. प्रदेश के औसत अधिकतम तापमान में भी 0.1°C की बढ़ोतरी हुई है. फरीदाबाद 36.5°C के साथ राज्य में सबसे गर्म रहा. वहीं हिसार के बालसमंद में न्यूनतम तापमान 22.1°C दर्ज किया गया.

एंटीसाइक्लोन से बदलेगी हवाओं की दिशा: मौसम वैज्ञानिक डॉ. मदन खीचड़ के अनुसार प्रदेश से मानसूनी हवाओं की वापसी शुरू हो चुकी है. राजस्थान के ऊपर एंटीसाइक्लोन बनने से हवाओं की दिशा पुरवाई से बदलकर पश्चिमी होने की संभावना है.

मानसून टर्फ दक्षिण की ओर खिसकेगी: एंटीसाइक्लोन के प्रभाव से मानसून टर्फ की उत्तरी सीमा भी दक्षिण की ओर मध्य भारत की तरफ खिसकने की संभावना है. इससे हरियाणा में मानसूनी गतिविधियां और कमजोर होंगी. इसके चलते प्रदेश में मानसून की जल्द विदाई का रास्ता साफ होगा और बारिश की गतिविधियां कम हो सकती हैं.

317.5 मिमी बारिश, सामान्य से 23% कम: इस बार हरियाणा में मानसून ने काफी निराश किया है. 1 जून से 21 सितंबर तक प्रदेश में कुल 317.5 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से 23% कम है. इससे पहले वर्ष 2019 में सामान्य से 42% कम बारिश हुई थी. इस तरह इस बार करीब सात साल बाद बारिश की कमी का बड़ा आंकड़ा सामने आया है.

26 साल में 19 बार सामान्य से कम बारिश: साल 2001 से 2026 तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो 26 साल में 19 बार हरियाणा में सामान्य से कम बारिश दर्ज हुई. इस अवधि में केवल 7 साल ऐसे रहे, जब बारिश सामान्य या उससे अधिक रही.

इन जिलों में बारिश की सबसे ज्यादा कमी: बारिश की कमी के मामले में जींद सबसे आगे रहा, जहां सामान्य से 58% कम बारिश हुई. सिरसा में 53%, कैथल और अंबाला में 49-49% तथा रोहतक में 47% कम बारिश दर्ज की गई. इसके विपरीत पलवल ऐसा जिला रहा, जहां सामान्य से 22% अधिक बारिश हुई.