हरियाणा मौसम अपडेट: 7 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, 60km की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
हरियाणा में दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय। सिरसा, हिसार और भिवानी समेत 7 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी। 6 जून तक आंधी और बारिश से मिलेगी भीषण गर्मी से राहत।
चंडीगढ़: हरियाणा में दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के कारण मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है. मौसम विभाग ने बुधवार को प्रदेशभर में आंधी, बिजली चमकने और बारिश की संभावना जताई है. विभाग ने सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी और चरखी दादरी जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. इन क्षेत्रों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बारिश होने की संभावना है.
6 जून तक बना रहेगा मौसम में बदलाव: मौसम विभाग के अनुसार 4 जून को भी राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश के आसार बने हुए हैं. मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि 6 जून तक प्रदेश में मौसम परिवर्तनशील रहेगा. इस दौरान कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी.
दो पश्चिमी विक्षोभ दिखा रहे असर: मौसम वैज्ञानिक डॉ. मदन खीचड़ ने बताया कि, "दो पश्चिमी विक्षोभों का आंशिक प्रभाव हरियाणा के मौसम पर पड़ रहा है. पहला पश्चिमी विक्षोभ 3 जून और दूसरा 4 जून को पहाड़ी क्षेत्रों की ओर बढ़ेगा. इसके प्रभाव से प्रदेश में आंशिक बादल छाए रहेंगे और हवाओं की दिशा में भी बदलाव देखने को मिलेगा."
पंजाब के ऊपर बनेगा साइक्लोनिक सर्कुलेशन: डॉ. खीचड़ के अनुसार पंजाब के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बनने की संभावना है. इसके प्रभाव से हरियाणा के अधिकांश हिस्सों में 6 जून तक मध्यम से तेज गति की हवाएं चल सकती हैं. साथ ही कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी और हल्की बारिश होने के आसार हैं. कुछ इलाकों में मध्यम से तेज बारिश भी दर्ज की जा सकती है.
तापमान में राहत: प्रदेश के अधिकतम तापमान में मंगलवार को हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई, लेकिन यह अभी भी सामान्य से नीचे बना हुआ है. मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार राज्य का औसत अधिकतम तापमान सामान्य से लगभग 3 डिग्री सेल्सियस कम है. सिरसा 41.2 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा. वहीं महेंद्रगढ़ के नारनौल में न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे कम रहा.
सामान्य से 18 प्रतिशत ज्यादा बारिश: मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के अनुसार 1 मार्च से 31 मई के बीच हरियाणा में 52.4 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है, जबकि सामान्य औसत 44.6 मिमी होती है. इस प्रकार प्रदेश में सामान्य से 18 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है. मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आगामी बारिश प्रदेश में मानसूनी गतिविधियों के लिए अनुकूल माहौल तैयार कर सकती है.

