Weather Forecast Haryana: पश्चिमी विक्षोभ के असर से गिरेगा तापमान, किसानों को फसलों की सिंचाई रोकने की सलाह
चंडीगढ़: हरियाणा में एक बार फिर मौसम करवट लेने वाला है. 26 सितंबर से पश्चिमी विक्षोभ का आंशिक असर दिख सकता है. इसके चलते प्रदेश में बादल छाने शुरू होंगे और 28 से 30 सितंबर के बीच कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं.
दक्षिणी जिलों में ज्यादा असर: राजस्थान से सटे जिलों में मौसम बदलाव का प्रभाव अधिक देखने को मिल सकता है. सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, चरखी दादरी, रेवाड़ी और नारनौल में बारिश की संभावना जताई गई है. बारिश के बाद हवा में नमी बढ़ने से रात के तापमान में और गिरावट हो सकती है.
अभी गर्मी का असर जारी: फिलहाल राजस्थान के ऊपर बने प्रति-चक्रवातीय सर्कुलेशन और गर्म पश्चिमी हवाओं के कारण दिन का तापमान बढ़ रहा है. प्रदेश के ज्यादातर जिलों में अधिकतम तापमान 35 डिग्री या उससे ऊपर पहुंच गया है. महेंद्रगढ़ में 37.1 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश में सबसे अधिक तापमान दर्ज किया गया.
रात में बढ़ रही ठंडक: मौसम में बदलाव के बीच रात के तापमान में गिरावट जारी है. हिसार के सादलपुर में न्यूनतम तापमान 21.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ. मौसम साफ रहने पर दिन की गर्मी रात में तेजी से बाहर निकलती है, जिससे रातें अपेक्षाकृत ठंडी महसूस होती हैं.
गर्म हवाओं से बढ़ रहा दिन का पारा: राजस्थान में बने प्रति-चक्रवातीय सर्कुलेशन से हवा की दिशा बदली है. उत्तर-पश्चिम और पश्चिम से आने वाली गर्म व शुष्क हवाओं के कारण धूप तेज हो रही है. इसी वजह से कई जिलों में दिन का तापमान 35 से 37 डिग्री के बीच पहुंच रहा है.
किसानों को सिंचाई और छिड़काव रोकने की सलाह: मौसम में संभावित बदलाव को देखते हुए किसानों को अगले 2-3 दिनों तक फसलों में सिंचाई और कीटनाशकों के छिड़काव से बचने की सलाह दी गई है. मौसम साफ होने के बाद ही दवाओं का छिड़काव करने को कहा गया है.
कपास और धान की फसल पर रखें नजर: नमी बढ़ने पर कपास में सफेद मक्खी और गुलाबी सुंडी का प्रकोप बढ़ सकता है. वहीं धान में तना छेदक और लीफ रोलर की निगरानी जरूरी है. किसानों को धान में जरूरत से ज्यादा सिंचाई नहीं करने की सलाह दी गई है.
बारिश के बाद तापमान में राहत संभव: 28 से 30 सितंबर के बीच बारिश होने पर दिन के तापमान में गिरावट आने की संभावना है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्म होने के बाद मौसम की स्थिति फिर से बदल सकती है.