Hisar Hottest City in Haryana: हिसार में पारा पहुंचा 38.3 डिग्री, मौसम में बदलाव के बाद किसानों के लिए जारी हुई खास एडवाइजरी

हरियाणा में मानसून की रफ्तार धीमी होने से गर्मी और उमस बढ़ी। हिसार सबसे गर्म, किसानों के लिए कीट नियंत्रण को लेकर एडवाइजरी जारी।
 
crop pest control Haryana

चंडीगढ़: हरियाणा में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ते ही पश्चिमी हवाओं का असर बढ़ने लगा है. तेज धूप और हवा में बदलाव के कारण दिन के साथ-साथ रात के तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है. मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश का औसत अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 1.9 डिग्री सेल्सियस अधिक चल रहा है.

10 से ज्यादा शहरों में तापमान 35°C के पार: प्रदेश के हिसार, रोहतक, भिवानी, चरखी दादरी, गुरुग्राम, सिरसा, नारनौल और कुरुक्षेत्र समेत 10 से अधिक प्रमुख शहरों में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया. बढ़ती गर्मी और उमस ने आम लोगों के साथ किसानों की भी चिंता बढ़ा दी है.

हिसार सबसे गर्म: प्रदेश में हिसार सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 38.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. रोहतक में 36.4°C, चरखी दादरी और सिरसा में 36.0°C, गुरुग्राम में 35.6°C और भिवानी में 35.5°C तापमान दर्ज हुआ. पिछले 24 घंटों में औसत अधिकतम तापमान में भी मामूली बढ़ोतरी हुई है.

गुरुग्राम में सबसे ठंडी रात: प्रदेश में न्यूनतम तापमान में भी पिछले 24 घंटों के दौरान मामूली बढ़ोतरी हुई, हालांकि औसत तापमान सामान्य के आसपास बना हुआ है. गुरुग्राम में सबसे कम न्यूनतम तापमान 21.0°C दर्ज किया गया. वहीं नूंह और सिरसा में 26.7°C, कुरुक्षेत्र में 26.4°C, अंबाला में 26.3°C और हिसार में 25.2°C तापमान रहा.

कपास किसानों को कीटों से सतर्क रहने की सलाह: गर्मी और हवा में बढ़ी नमी के कारण कपास और नरमा की फसल में सफेद मक्खी, चेपा और गुलाबी सुंडी का प्रकोप बढ़ने की आशंका जताई गई है. कृषि मौसम वैज्ञानिकों ने किसानों को खेतों की लगातार निगरानी करने की सलाह दी है. कीटों का प्रकोप बढ़ने पर साफ मौसम में ही कृषि विशेषज्ञों की सिफारिश के अनुसार दवा का छिड़काव करने को कहा गया है.

साफ मौसम में छिड़काव की सलाह: आगामी दिनों में कहीं-कहीं छिटपुट बारिश की संभावना को देखते हुए किसानों को फिलहाल खड़ी फसलों में सिंचाई रोकने की सलाह दी गई है. दवाओं और कीटनाशकों का छिड़काव भी केवल मौसम साफ रहने पर करने की अपील की गई है, ताकि फसल को नुकसान न पहुंचे.

धान किसानों की बढ़ी चिंता: धान किसानों को जड़ घुन के प्रकोप पर नजर रखने को कहा गया है. यूरिया का प्रयोग शाम के समय करने और इसे कीटनाशकों के साथ न मिलाने की सलाह दी गई है. वहीं उमस से पशुओं और पोल्ट्री को बचाने के लिए शेड में उचित वेंटिलेशन, पंखों और साफ पानी की व्यवस्था करने की एडवाइजरी जारी की गई है.