Brigadier OP Chaudhary Passes Away: एमडीयू के पूर्व वीसी और इनेलो राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ब्रिगेडियर ओ.पी. चौधरी नहीं रहे, शोक की लहर
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के पूर्व चेयरमैन और इनेलो के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ब्रिगेडियर ओ.पी. चौधरी का 95 वर्ष की आयु में निधन हो गया। पढ़ें पूरी खबर।
हरियाणा : हरियाणा से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जिससे पूरे राज्य में शोक की लहर दौड़ गई है। यहां हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के पूर्व चेयरमैन और राई स्पोर्ट्स स्कूल के पूर्व प्राचार्य ब्रिगेडियर ओ.पी. चौधरी का निधन हो गया है। उन्होंने 95 वर्ष की आयु में अंतिम सांस ली।
बता दें कि उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण दायित्व निभाते हुए हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (HBSE) के चेयरमैन, महर्षि विश्वविद्यालय रोहतक के वाइस चांसलर और राई स्पोर्ट्स स्कूल के प्राचार्य के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। उनका अंतिम संस्कार आज शनिवार सेक्टर-15 स्थित शिव मुक्ति धाम में किया जाएगा।
उनके निधन की खबर से INLD कार्यकर्ताओं व समर्थकों, राजनीतिक, शैक्षणिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। पार्टी नेताओं और विभिन्न सामाजिक व राजनीतिक संगठनों ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे सार्वजनिक जीवन की बड़ी क्षति बताया।
जानकारी के अनुसार ब्रिगेडियर ओ.पी. चौधरी ने अपना पूरा जीवन शिक्षा के उत्थान, अनुशासन व युवा पीढ़ी के मार्गदर्शन के लिए समर्पित किया। शिक्षा के क्षेत्र में अपने लंबे अनुभव और दूरदर्शी सोच के माध्यम से उन्होंने विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि अनुशासन, जिम्मेदारी और राष्ट्र सेवा की भावना से भी जोड़ने का प्रयास किया।
ब्रिगेडियर ओ.पी. चौधरी वर्ष 1991 से 1994 तक महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के कुलपति रहे। इसके अलावा उन्होंने 2003 से 2006 तक हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड, भिवानी के अध्यक्ष तथा 1989 से 1992 तक मोतीलाल नेहरू स्पोर्ट्स स्कूल, राई के प्राचार्य एवं निदेशक के रूप में भी सेवाएं दीं। वर्तमान में वह इनेलो के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष थे।
सोनीपत के पूर्व विधायक सुरेंद्र पंवार ने ब्रिगेडियर ओ.पी. चौधरी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ब्रिगेडियर चौधरी का निधन शिक्षा जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने दिवंगत आत्मा को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं।

