Medical Inspection News: औचक निरीक्षण के दौरान मिले संतोषजनक दस्तावेज, एसएमओ ने दिए भविष्य में कार्रवाई के कड़े संकेत

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अल्ट्रासाउंड और एमटीपी केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। पीसीपीएनडीटी एक्ट के नियमों का सख्ती से पालन करने की चेतावनी दी गई है।

 
स्वास्थ्य विभाग छापा

भ्रूण लिंग जांच जैसी अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने और स्वास्थ्य संबंधी कड़े नियमों को प्रभावी रूप से लागू करने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग की टीम ने विभिन्न चिकित्सा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया. इस विशेष निरीक्षण अभियान के दौरान टीम ने केंद्रों के पंजों और दस्तावेजों को बारीकी से खंगाला, जो फिलहाल जांच के दौरान नियमानुसार दुरुस्त पाए गए हैं. इस कार्रवाई का मुख्य मकसद कन्या भ्रूण हत्या जैसी कुप्रथा को पूरी तरह से रोकना और स्वास्थ्य मानकों की पारदर्शिता बनाए रखना है.

⚠️ एसएमओ ने दिए सख्त निर्देश: पीसीपीएनडीटी एक्ट के नियमों का पालन न करने पर होगी कड़ी कार्रवाई

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सभी केंद्र संचालकों को कड़ी हिदायत दी कि वे पीसीपीएनडीटी (PCPNDT) एक्ट के तहत तय किए गए सभी नियमों का पूरी सख्ती से पालन करें और अपने रिकॉर्ड को हर समय अपडेट रखें. एसएमओ ने स्पष्ट चेतावनी दी कि भ्रूण लिंग जांच पर सरकार की तरफ से पूर्ण प्रतिबंध है. यदि भविष्य में किसी भी स्तर पर नियमों की अनदेखी या गड़बड़ी पाई जाती है, तो संबंधित केंद्र और संचालक के खिलाफ बिना किसी ढिलाई के सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी.

📋 एमटीपी केंद्रों के दस्तावेजों की भी हुई जांच, सीनियर स्टोर इंचार्ज रहे टीम में शामिल

महत्वपूर्ण अल्ट्रासाउंड सेंटरों के साथ-साथ सरकार द्वारा अधिकृत एमटीपी (Medical Termination of Pregnancy) केंद्रों के दस्तावेजों की भी गहनता से जांच की गई. इस पूरी औचक कार्रवाई के दौरान एसएमओ के साथ सीनियर स्टोर इंचार्ज अमित वालिया भी मुख्य रूप से मौजूद रहे. प्रशासन की इस सक्रियता से क्षेत्र के चिकित्सा केंद्रों में हड़कंप मचा हुआ है और यह संदेश दिया गया है कि स्वास्थ्य नियमों के उल्लंघन पर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है.