भारत में गर्मी का तांडव: क्या है 'हीट डोम' जिसके कारण पारा पहुंचा 48°C पार?

देश में भीषण गर्मी और लू का कहर! जानें क्या है 'हीट डोम' और क्यों यूपी-महाराष्ट्र में पारा 48 डिग्री पहुंचा। मौसम विभाग ने दी प्री-मानसून बारिश की चेतावनी।

 
क्लाइमेट चेंज और ग्लोबल वार्मिंग का असर

देशभर में इस समय भीषण गर्मी और लू का असर देखने को मिल रहा है. मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार गर्मी का पैटर्न सामान्य से अलग है, जिसकी प्रमुख वजह हीट डोम जैसी स्थिति और बदलते ग्लोबल वेदर पैटर्न हैं. इसके कारण कई राज्यों में तापमान लगातार बढ़ रहा है और हीट वेव का असर व्यापक हो गया है.

क्या है हीट डोम और क्यों बढ़ रही गर्मी?

विशेषज्ञों के मुताबिक, हीट डोम एक ऐसी स्थिति होती है, जिसमें किसी खास क्षेत्र के ऊपर हाई प्रेशर सेल बन जाता है. इस कारण गर्म हवा ऊपर नहीं उठ पाती और नीचे ही फंसी रहती है, जिससे तापमान लगातार बढ़ता जाता है. यही वजह है कि इस बार हीट वेव केवल सीमित इलाकों तक न रहकर देश के कई हिस्सों में फैल गई है.

बदल रहा है मौसम का पैटर्न

आमतौर पर राजस्थान के जैसलमेर, जयपुर और सीमावर्ती क्षेत्रों में ही लू का ज्यादा असर देखने को मिलता है, लेकिन इस बार उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और अन्य राज्यों में भी तापमान 40 से 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है. उत्तर प्रदेश के बांदा, प्रयागराज और वाराणसी जैसे शहरों में तापमान 48 डिग्री के पार दर्ज किया जा चुका है.

प्री-मानसून गतिविधियों से मिलेगी राहत

मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, अगले 3-4 दिनों में देश के कई हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियां जैसे डस्ट स्टॉर्म और थंडरस्टॉर्म देखने को मिल सकते हैं. हाल ही में दिल्ली में आए डस्ट स्टॉर्म के कारण तापमान 40-41 डिग्री से गिरकर करीब 34 डिग्री तक पहुंच गया था. हालांकि, यह राहत अस्थायी होगी. दिन में तापमान बढ़ता रहेगा, जबकि शाम और रात में हल्की गिरावट संभव है.

ग्लोबल वार्मिंग और क्लाइमेट चेंज का असर

विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया में मौसम के पैटर्न में परिवर्तन हो रहा है. ग्लोबल वार्मिंग और क्लाइमेट चेंज के कारण ऐसे बदलाव लंबे समय तक बने रह सकते हैं. मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में इस तरह की गर्मी सामान्य हो सकती है. ऐसे में लोगों को नए मौसम के अनुसार खुद को ढालना होगा और हीट वेव से बचाव के उपाय अपनाने होंगे.