Gangster Vinod Kana Murdered Hisar: हिसार में 30 सेकंड में दागी 20 गोलियां, मोस्ट वांटेड गैंगस्टर विनोद काना ढेर, एक हमलावर काबू

हिसार कोर्ट के सामने अंधाधुंध फायरिंग में मोस्ट वांटेड गैंगस्टर विनोद काना की हत्या। पुलिस ने एक हमलावर को मौके से दबोचा।
 
हिसार पुलिस कार्रवाई

हिसार: हिसार अदालत परिसर के मुख्य गेट के सामने वीरवार दोपहर करीब पौने तीन बजे उस समय सनसनी फैल गई, जब दो हथियारबंद बदमाशों ने अंधाधुंध फायरिंग कर थुराना गांव निवासी गैंगस्टर विनोद काना की हत्या कर दी।

इस वारदात में एक अन्य व्यक्ति भी गंभीर रूप से घायल हुआ है, जिसे इलाज के लिए पास के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वारदात के तुरंत बाद पुलिस और मौके पर मौजूद लोगों ने मुस्तैदी दिखाते हुए एक हमलावर को रंगे हाथ दबोच लिया।

🔫 30 सेकंड में दागी 15 से 20 गोलियां: पार्किंग से दौड़ाकर मुख्य गेट पर भून डाला

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घटनाक्रम:

  • अचानक हमला: प्रत्यक्षदर्शी एडवोकेट सुखदीप ने बताया कि दोपहर में जब वकील और लोग खाना खाकर लौट रहे थे, तभी हमलावरों ने अचानक ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दीं।

  • 20 राउंड फायर: महज 30 सेकंड के भीतर 15 से 20 राउंड गोलियां चलाई गईं।

  • दौड़ाकर मारा: हमलावरों ने सबसे पहले कोर्ट के पार्किंग एरिया में विनोद काना पर गोलियां चलाईं और फिर उसे दौड़ाते हुए मुख्य गेट के पास लाकर गोलियों से भून दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

🔍 कुख्यात पानू गैंग से जुड़े हैं तार: पुरानी रंजिश में वारदात को दिया अंजाम

पुलिस जांच और नाकाबंदी:

"प्राथमिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार किया गया हमलावर कुख्यात पानू गैंग से जुड़ा हुआ है। पुलिस को अंदेशा है कि इस वारदात को आपसी गैंगवार और पुरानी रंजिश के चलते अंजाम दिया गया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे जिले में सघन नाकाबंदी कर दूसरे फरार आरोपी की तलाश शुरू कर दी गई है।"

⚖️ 30 से अधिक संगीन मामले थे दर्ज: जिंदल के PA के भतीजे का भी किया था कत्ल

मृतक विनोद काना की आपराधिक पृष्ठभूमि:

  • मोस्ट वांटेड क्रिमिनल: थुराना गांव का रहने वाला विनोद काना हिसार पुलिस का मोस्ट वांटेड अपराधी था।

  • दर्जन भर मुकदमे: उसके खिलाफ हत्या, रंगदारी, लूट और जानलेवा हमले समेत करीब 31 से 32 संगीन आपराधिक मामले दर्ज थे।

  • चर्चित हत्याकांड: विनोद काना ने ही पूर्व मंत्री एवं विधायक सावित्री जिंदल के पीए के भतीजे की हत्या की वारदात को अंजाम दिया था, जिसके बाद से वह पुलिस की रडार पर था।