HKRN महिला कर्मचारी ने किया 3 लाख का गबन
हिसार में एचकेआरएन महिला कर्मचारी ने सरकारी फंड का दुरुपयोग कर अपने खाते में 3 लाख रुपए की रकम जमा कर ली।
इसके बारे में हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की ओर से हिसार के सिविल लाइन थाने में शिकायत दी गई है।
पुलिस ने बीएनएस की धारा 316(5),318(4) के तहत आरोपी महिला भिवानी के सिवानी की रहने वाली प्रीति के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। सिवानी की रहने वाली प्रीति एचकेआरएन के तहत 21 हजार रुपए महीना की नौकरी लगी थी। प्रीति के पास ब्लॉक कलस्टर कोऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी थी।
प्रीति ने स्वयं सहायता समूह के नाम पर आए एक लाख रुपए के चेक को सरकार खाते में लगाने के बजाय अपने निजी खाते में लगा दिया। विभाग की ओर से जब ऑडिट हुआ तब पूरा मामला उजागर हुआ। इसके बाद विभाग को पता चला कि महिला ने 2 लाख रुपए और चेक अपने खाते में लगाया हुआ है। हालांकि विभाग की ओर से एक लाख रुपए के गबन की शिकायत अभी दर्ज करवाई गई है।
महिला कर्मचारी प्रीति ने 29 मार्च 2024 को कलस्टर संगठन के खाते का चेक जो नई पहल महिला ग्राम संगठन को भुगतान करना था उसको खुद के सेविंग अकाउंट नंबर में जाकर जमाकर लिया। इसके अलावा जुलाई में 2 लाख रुपए का चेक भी इसी तरह अपने खाते में जमा कर लिया। विभाग को जब इस बारे में पता चला तो प्रीति को पूरी रकम जमा करवाने को कहा मगर उसने ऐसा नहीं किया। इसके बाद पुलिस थाने में इसकी शिकायत दी गई।
वहीं एक अन्य मामले में हिसार में ग्रुप डी में नौकरी लगवाने के नाम पर 2 लाख 40 हजार रुपए की ठगी हुई है। इस मामले में पुलिस ने फतेहाबाद के ढाणी साचला निवासी जोगिंदर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके कब्जे से 80 हजार रुपए बरामद किए हैं।
जांच अधिकारी उपनिरीक्षक मनमोहन सिंह के अनुसार, 24 जुलाई 2024 को सेक्टर–14 हिसार निवासी बलजीत और पाबड़ा निवासी राहुल ने शिकायत दी थी कि जोगिंदर और उसके साथी रवींद्र ने स्वयं को पुलिस में उपनिरीक्षक बताकर ग्रुप–D में नौकरी लगवाने का झांसा दिया।
आरोपियों ने अलग-अलग तारीखों पर 2.40 लाख रुपए वसूल लिए, लेकिन नौकरी नहीं लगवाई। बाद में शिकायतकर्ताओं द्वारा पैसे मांगने पर आरोपियों ने बिना राशि वाले खाते का चेक दे दिया। पुलिस ने शिकायत पर संबंधित धाराओं में अभियोग दर्ज कर जोगिंदर को गिरफ्तार किया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। शेष आरोपी रवींद्र की तलाश जारी है।

