प्रदेश में बढ़ रहा बेरोजगारी का ग्राफ, सरकार बाहरी राज्यों में बांट रही है प्रदेश के युवाओं का हक : नरेंद्र राज गागड़वास
एचपीएससी भर्ती परिणाम : हरियाणा के युवाओं के साथ क्रूर मजाक, कांग्रेस प्रवक्ता नरेंद्र राज गागड़वास ने भाजपा सरकार को घेरा
May 14, 2026, 14:41 IST
भिवानी, 14 मई : हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) के हालिया भर्ती परिणामों ने एक नए विवाद को जन्म दे दिया है। हरियाणा कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता नरेंद्र राज गागड़वास ने इन परिणामों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि भाजपा सरकार ने एक बार फिर प्रदेश के शिक्षित और मेहनती युवाओं की उम्मीदों पर पानी फेरने का काम किया है।
गागड़वास ने विशेष रूप से असिस्टेंट प्रोफेसर (साइकोलॉजी) के भर्ती परिणामों का हवाला देते हुए सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह अविश्वसनीय और चिंताजनक है कि असिस्टेंट प्रोफेसर साइकोलॉजी के 85 पदों के लिए विज्ञापन निकाला गया, लेकिन चयन केवल 3 उम्मीदवारों का हुआ। 82 सीटों को खाली छोड़ देना युवाओं की योग्यता का अपमान है। जब सैकड़ों युवा परीक्षा में शामिल हुए थे, तो आखिर सरकार की नजर में वे योग्य क्यों नहीं पाए गए।
असिस्टेंट प्रोफेसर (हिंदी) की भर्ती का जिक्र करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि बड़ी संख्या में अन्य राज्यों के उम्मीदवारों का चयन होना हरियाणा के युवाओं के साथ सरासर अन्याय है। उन्होंने सरकार से पूछा कि क्या हरियाणा में प्रतिभा का अकाल पड़ गया है। नरेंद्र राज गागड़वास ने तंज कसते हुए कहा कि जब हरियाणा के बेटे-बेटियां यूपीएससी जैसी देश की सबसे कठिन परीक्षा में टॉप कर सकते है तो वे अपने ही राज्य की एचपीएससी परीक्षा में क्यों पिछड़ रहे हैं। यह सीधे तौर पर चयन प्रक्रिया और मूल्यांकन पद्धति पर सवालिया निशान लगाता है।
भाजपा सरकार के पसंदीदा नारे बिना पर्ची-बिना खर्ची पर प्रहार करते हुए गागड़वास ने कहा कि जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। प्रदेश में बेरोजगारी का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है और सरकार या तो पदों को भर नहीं रही है या हरियाणा के युवाओं के हक को बाहरी राज्यों में बांट रही है। गागड़वास ने एक और गंभीर मुद्दा उठाते हुए कहा कि हरियाणा देश का संभवत: एकमात्र ऐसा राज्य है जहा लोक सेवा आयोग का चेयरमैन बाहरी राज्य से है। उन्होंने सवाल किया कि क्या हरियाणा की 3 करोड़ की आबादी में एक भी ऐसा योग्य, ईमानदार या अनुभवी व्यक्ति नहीं है जो युवाओं को न्याय दिला सके। बाहरी व्यक्ति को इस पद पर बैठाना हरियाणा की अस्मिता और यहाँ की प्रतिभा का अपमान है।
नरेंद्र राज गागड़वास ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि इन सभी भर्तियों की प्रक्रिया की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए, खाली छोड़ी गई 82 सीटों (साइकोलॉजी) का स्पष्ट कारण जनता के सामने रखा जाए, भर्ती प्रक्रिया में हरियाणा के युवाओं को प्राथमिकता सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने युवाओं की इस जायज आवाज को अनसुना किया, तो कांग्रेस पार्टी चुप नहीं बैठेगी। युवाओं के भविष्य को बचाने के लिए सडक़ से लेकर संसद तक एक बड़ा जन-आंदोलन खड़ा किया जाएगा।
गागड़वास ने विशेष रूप से असिस्टेंट प्रोफेसर (साइकोलॉजी) के भर्ती परिणामों का हवाला देते हुए सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह अविश्वसनीय और चिंताजनक है कि असिस्टेंट प्रोफेसर साइकोलॉजी के 85 पदों के लिए विज्ञापन निकाला गया, लेकिन चयन केवल 3 उम्मीदवारों का हुआ। 82 सीटों को खाली छोड़ देना युवाओं की योग्यता का अपमान है। जब सैकड़ों युवा परीक्षा में शामिल हुए थे, तो आखिर सरकार की नजर में वे योग्य क्यों नहीं पाए गए।
असिस्टेंट प्रोफेसर (हिंदी) की भर्ती का जिक्र करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि बड़ी संख्या में अन्य राज्यों के उम्मीदवारों का चयन होना हरियाणा के युवाओं के साथ सरासर अन्याय है। उन्होंने सरकार से पूछा कि क्या हरियाणा में प्रतिभा का अकाल पड़ गया है। नरेंद्र राज गागड़वास ने तंज कसते हुए कहा कि जब हरियाणा के बेटे-बेटियां यूपीएससी जैसी देश की सबसे कठिन परीक्षा में टॉप कर सकते है तो वे अपने ही राज्य की एचपीएससी परीक्षा में क्यों पिछड़ रहे हैं। यह सीधे तौर पर चयन प्रक्रिया और मूल्यांकन पद्धति पर सवालिया निशान लगाता है।
भाजपा सरकार के पसंदीदा नारे बिना पर्ची-बिना खर्ची पर प्रहार करते हुए गागड़वास ने कहा कि जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। प्रदेश में बेरोजगारी का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है और सरकार या तो पदों को भर नहीं रही है या हरियाणा के युवाओं के हक को बाहरी राज्यों में बांट रही है। गागड़वास ने एक और गंभीर मुद्दा उठाते हुए कहा कि हरियाणा देश का संभवत: एकमात्र ऐसा राज्य है जहा लोक सेवा आयोग का चेयरमैन बाहरी राज्य से है। उन्होंने सवाल किया कि क्या हरियाणा की 3 करोड़ की आबादी में एक भी ऐसा योग्य, ईमानदार या अनुभवी व्यक्ति नहीं है जो युवाओं को न्याय दिला सके। बाहरी व्यक्ति को इस पद पर बैठाना हरियाणा की अस्मिता और यहाँ की प्रतिभा का अपमान है।
नरेंद्र राज गागड़वास ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि इन सभी भर्तियों की प्रक्रिया की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए, खाली छोड़ी गई 82 सीटों (साइकोलॉजी) का स्पष्ट कारण जनता के सामने रखा जाए, भर्ती प्रक्रिया में हरियाणा के युवाओं को प्राथमिकता सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने युवाओं की इस जायज आवाज को अनसुना किया, तो कांग्रेस पार्टी चुप नहीं बैठेगी। युवाओं के भविष्य को बचाने के लिए सडक़ से लेकर संसद तक एक बड़ा जन-आंदोलन खड़ा किया जाएगा।

