भारत भूमि कृषि और ऋषि की है - प्रो. दीप्ति धर्माणी
भिवानी।
चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय, भिवानी में स्वर्ण जयंती यूनिवर्सिटी कॉलेज एवं आर्यभट्ट इनक्यूबेशन सेंटर के तत्वाधान में स्किल डेवलेपमेंट, स्टार्टअप एंड इनोवेशन अंडर एन.इ.पी 2020 विषय पर एक दिवसीय वर्कशॉप का आयोजन कुलगुरू प्रो दीप्ति धर्माणी की अध्यक्षता में किया गया।
इस वर्कशॉप में कुलगुरु प्रो. दीप्ति धर्माणी ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि छात्र शिक्षा और सपनों के पंख से नवाचार करें और देश के लिए ऊंची उड़ान भरें, उन्होंने आगे कहा कि हमें राष्ट्र देवो भव: कि भावना के साथ अपने सभी कार्यों को राष्ट्र को समर्पित करते हुए राष्ट्र हित में काम करते हुए विकसित भारत 2047 के संकल्प को सिद्धि के द्वारा प्राप्त करना है और चौधरी बंसी लाल विश्वविद्यालय के छात्र इसमें अपनी अहम भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि छात्रों के कौशल विकास के लिए हमने आईआईटी कुरुक्षेत्र, मोहाली नाइपर फार्मास्युटिकल कंपनी के साथ एमओयू कर रहे है जिससे छात्रों को नवाचार और स्टार्टअप में हर सहयोग मिल सके।
इस वर्कशॉप में इसरो एवं एससीएल, चंडीगढ़ के वैज्ञानिक डॉ. ठाकुर एस. के.आर. मुख्य वक्ता रहे । उन्होंने "सोशल इंटरप्रेन्योरशिप विषय पर छात्रों का मार्ग दर्शन किया और कहा कि इंटरप्रेन्योरशिप जहां व्यक्तिगत पूंजी को बढ़ता है वहीं सोशल इंटरप्रेन्योरशिप में सभी स्वयं मालिक होते हैं। डॉ. ठाकुर ने अमूल, डब्बा वाला और बाबा रामदेव, गूंज के उदाहरण द्वारा सोशल इंटरप्रेन्योरशिप को समझाया और इसे स्वस्थ, पर्यावरण और राष्ट्र हित के लिए जरूरी बताया ।
साथ ही उन्होंने सोशल इंटरप्रेन्योरशिप के लिए छात्रों को अपने खुद के आइडिया लाने के लिए प्रेरित किया। इस वर्कशॉप के दूसरे वक्ता सी.आर.आर. आई. डी. चंडीगढ़ से डॉ. मनोज तेवतिया रहे, उनका विषय " आत्मनिर्भरता की ओर भारत: नवाचार, स्टार्टअप, और आर्थिक रूपांतरण पर कैस” रहा ।
उन्होंने भारत के आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम के बारे में विस्तार से बताया तथा साथ ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में स्टार्टअप और नवाचार पर भी प्रकाश डाला । उन्होंने बताया कि किस प्रकार दक्षिण में नारियल की अधिकता है तो वहां उन्होंने नारियल के 27 ब्रांड बनाया है अब तक तो हरियाणा भी अपने यहां जो अधिक पैदावार होती है उसको कैसे ब्रांड बनाएं इस पर प्रयास करके कृषि के क्षेत्र में एंटरप्रेन्योरशिप की अपार संभावना को बढ़ावा दिया जा सकता है। इस वर्कशॉप में केपीएमजी से डॉ. प्रसून माथुर ने ऑनलाइन जुड़कर विद्यार्थियों को स्टार्टअप हरियाणा की जानकारी दी और उन्हें इस पर रजिस्ट्रेशन करने की सारी प्रक्रिया को समझाया।
स्वर्णजयंती यूनिवर्सिटी कॉलेज के डायरेक्टर एवं इस वर्कशॉप के संयोजक प्रो. विपिन कुमार जैन ने वर्कशॉप में अतिथियों के परिचय के साथ विषय प्रस्तुति देते हुए कहा कि स्वर्ण जयंती यूनिवर्सिटी कॉलेज एवं आर्यभट्ट इनक्यूबेशन सेंटर सीबीएलयू के छात्रों को स्किल डेवलेपमेंट और स्टार्ट अप पर प्रेरित करने के लिए के लिए समय - समय पर वर्कशॉप का आयोजन करता रहेगा । छात्रों का सर्वांगीण विकास ही हमारी प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा यह वर्कशॉप छात्रों को विषय विशेषज्ञों के साथ सीधा संवाद करने का अवसर दे रहा है जिससे छात्रों की इसमें सक्रीय भागीदारी हो। इस वर्कशॉप के दौरान कई छात्रों ने प्रश्न भी पूछे और अपने आइडिया को भी सांझा किया । कार्यक्रम की कॉर्डिनेटर डॉ. स्नेह लता शर्मा ने इस वर्कशॉप में धन्यवाद ज्ञापन किया और इस डॉ. अंशुल सेलपर ने सरस्वती वंदन एवं अतिथियों के स्वागत में सहयोग किया।
इस वर्कशॉप में डीन अफेयर अकादमी प्रो. दिनेश मदान, प्रो. ललिता गुप्ता, डॉ सुरेश मलिक,डॉ जितेंद्र भारद्वाज, डॉ लक्खा सिंह, डॉ. दीपक अनेजा, डॉ. मोनिका, डॉ.दीपक कुमारी एवं डॉ. उमा साह सहित सभी विभागों के छात्र व शिक्षक उपस्थित रहे।

