Haryana Politics Update: कबड्डी खिलाड़ी रितू के मामले पर बोले अभय चौटाला, धान खरीद और भ्रष्टाचार पर साधा निशाना

जींद में इनेलो राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला की प्रेस कॉन्फ्रेंस। गोल्ड मेडलिस्ट खिलाड़ियों को DSP बनाने की मांग, नशा और धान खरीद पर सरकार पर हमला।

 
Asian Games gold medalist DSP job demand

जींद। इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला ने जींद के एक निजी होटल में पार्टी की राष्ट्रीय एवं राज्य कार्यकारिणी की बैठक को संबोधित करने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए हरियाणा सरकार पर जमकर हमला बोला। इस दौरान उन्होंने खेल नीति को लेकर बड़ा बयान देते हुए मांग की कि खिलाड़ियों को उनके पदकों के अनुपात में उच्च पद मिलने चाहिए। उन्होंने कहा कि एशियन गेम्स या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों को डीएसपी (DSP) और एचसीएस (HCS) जैसे प्रतिष्ठित पदों पर नियुक्त किया जाना चाहिए।

🤼 कबड्डी खिलाड़ी रितू का दिया उदाहरण: बोले- दो गोल्ड जीतने वाली खिलाड़ी को हवलदार नहीं, डीएसपी बनाया जाना चाहिए

खिलाड़ियों के सम्मान और अधिकारों की बात उठाते हुए अभय चौटाला ने दो बार गोल्ड मेडल जीतने वाली प्रसिद्ध कबड्डी खिलाड़ी रितू का विशेष उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि रितू आज अपने गांव में खुद स्कूल चलाकर बच्चों को प्रशिक्षण दे रही हैं, जबकि उन्हें केवल हवलदार के पद पर नियुक्त किया गया है, जो उनकी उपलब्धि के साथ न्याय नहीं है। उन्होंने ऐलान किया कि वह इस संबंध में सरकार को पत्र लिखेंगे और यदि आवश्यकता पड़ी तो खिलाड़ी को न्याय दिलाने के लिए मुफ्त कानूनी सहायता और वकील भी उपलब्ध करवाएंगे।

⚠️ नशे के मुद्दे पर 'उड़ता हरियाणा' का जिक्र: धान खरीद में धांधली और जेजेपी-कांग्रेस पर भी बोला हमला

प्रदेश की कानून-व्यवस्था और अन्य गंभीर मुद्दों पर बोलते हुए इनेलो अध्यक्ष ने कहा कि आज हरियाणा नशे के मामले में पंजाब से भी आगे निकलकर 'उड़ता हरियाणा' बन चुका है, और गांवों तक नशे का जहर फैल रहा है। धान की खरीद को लेकर किसानों की बदहाली का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी खरीद न होने से किसानों को औने-पौने दामों पर फसल बेचने के लिए मजबूर किया जा रहा है। इसके अलावा, उन्होंने जेजेपी को 'जमा झूठी पार्टी' करार देते हुए कहा कि उसने जनता के साथ विश्वासघात किया है और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस भी सरकार को घेरने में नाकाम साबित हो रही है।