Jind Factory Fire: जींद में गुलाल फैक्ट्री में भीषण आग, 4 महिलाओं की मौत, 20 झुलसे; बाहर से ताला लगा होने के कारण अंदर ही फंसे रह गए मजदूर

हरियाणा के जींद (सफीदों) में अवैध गुलाल फैक्ट्री में आग लगने से 4 महिलाओं की दर्दनाक मौत हो गई। फैक्ट्री का मुख्य दरवाजा बाहर से बंद होने के कारण मजदूर अंदर ही फंस गए। डीसी इमरान रजा ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं और अवैध फैक्ट्रियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।

 
फायर ब्रिगेड जींद

जींद : हरियाणा के जींद जिले में सफीदों की भाट कॉलोनी स्थित होली के गुलाल और रंग बनाने वाली फैक्ट्री में आज भीषण आग लग गई। इस हादसे में 4 महिलाओं की मौत हो गई, जबकि 20 से अधिक मजदूर झुलस गए। ज्यादातर पीड़ित महिलाएं हैं।

बताया जा रहा है कि फैक्ट्री में लगभग 30 मजदूर काम कर रहे थे, जब अचानक आग लगी। कुछ ही मिनटों में पूरे परिसर में आग फैल गई। आग लगने का संभावित कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है, जो प्रवेश द्वार के पास शुरू हुई। धुएं और लपटों के कारण मजदूर घबरा गए। कुछ छत पर चढ़ गए तो कुछ कमरों में छिप गए और कुछ ऊपर से कूदकर जान बचाने में कामयाब रहे।

सबसे बड़ी लापरवाही

मजदूरों के अनुसार फैक्ट्री का मेन गेट बाहर से ताला लगाकर बंद था। आग लगने पर मजदूर बाहर नहीं निकल पाए और अंदर ही फंस गए। स्थानीय युवाओं ने अपनी जान जोखिम में डालकर फैक्ट्री में घुसकर कई लोगों को बचाया। पुलिस ने दीवार तोड़कर रास्ता बनाया, जिससे फंसे हुए मजदूरों को निकाला जा सका। फायर ब्रिगेड ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। दो महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। घायलों को पहले सफीदों के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से कई गंभीर हालत में पानीपत, रोहतक और जींद के जनरल अस्पताल रेफर किए गए।

जींद के डीसी मोहम्मद इमरान रजा ने मौके पर पहुंचकर जायजा लिया और बताया कि 20 व्यक्ति प्रभावित हुए हैं, जिनमें 4 की मौत हुई। बाकी घायलों का इलाज जारी है। उन्होंने कहा कि फैक्ट्री अवैध रूप से चल रही थी और मालिक ने जगह किराए पर दी हुई थी। पुलिस संदिग्धों को हिरासत में लेने की कार्रवाई कर रही है। डीसी ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई होगी और पूरे जिले में बिना अनुमति चल रही ऐसी खतरनाक फैक्ट्रियों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। जांच जारी है कि आग कैसे लगी और ताला क्यों लगा था। यह हादसा फैक्ट्रियों में सुरक्षा मानकों की कमी और लापरवाही का गंभीर उदाहरण है।