JJP vs BJP Haryana: धान-बाजरा खरीद और वोट काटे जाने के विरोध में सड़कों पर उतरी जजपा, पीएम के नाम भेजा 25 पैसे का ड्राफ्ट

गेहूं के एमएसपी में 25 रुपये की बढ़ोतरी के खिलाफ भिवानी में जजपा ने बीजेपी सरकार पर बोला हमला। तहसीलदार के माध्यम से पीएम को भेजा विरोध पत्र।

 
Jitendra Sharma JJP

SIR और धान एवं बाजरे की सरकारी खरीद में किसानों को हो रही परेशानी के खिलाफ जजपा का भाजपा सरकार पर हल्ला बोल

जजपा ने गेहूँ के एमएसपी में मात्र 25 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी को किसानों की मेहनत और बढ़ती कृषि लागत के साथ अन्यायपूर्ण बताया

जजपा का MSP के अंतर्गत आने वाली गेहूँ, चना, जौ, सरसों, दाल एवं बाजरा फसलों में मामूली बढ़ोतरी पर असंतोष — उचित समर्थन मूल्य की मांग

भिवानी 21 अक्टूबर। जननायक जनता पार्टी जिला भिवानी ने आज भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर निशाना साधा। SIR के माध्यम से लोकतंत्र पर हमला करने वाली भाजपा सरकार और एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) के अंतर्गत आने वाली फसलों, जैसे गेहूँ, चना, जौ, सरसों, दाल एवं बाजरा के समर्थन मूल्य में की गई मामूली बढ़ोतरी पर असंतोष व्यक्त किया गया तथा अन्य फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में प्रति क्विंटल 200 रुपये की बढ़ोतरी किए जाने की मांग उठाई गई।

जजपा जिला अध्यक्ष जितेंद्र शर्मा और जिला प्रभारी कृष्ण बजीणा के नेतृत्व में जजपा पदाधिकारियों ने धान एवं बाजरे की सरकारी खरीद को लेकर भारतीय जनता पार्टी सरकार के रवैये की कड़ी निंदा की गई। ज्ञापन के माध्यम से जजपा ने सरकार से मांग की गई कि किसानों की उपज की सरकारी खरीद सुनिश्चित की जाए, ताकि उन्हें अपनी फसल का उचित मूल्य मिल सके और आर्थिक नुकसान का सामना न करना पड़े।

जजपा ने एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) प्रक्रिया के तहत देश एवं प्रदेश में वैध घोषित किए गए मतों को काटे जाने के मुद्दे पर भी विरोध दर्ज कराया गया। ज्ञापन में मांग की गई कि वैध मतदाताओं के मताधिकार की रक्षा की जाए तथा किसी भी पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची से अनुचित रूप से न हटाया जाए। जेजेपी ने मांग की कि मतदाता सूची की प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए, ताकि किसी भी पात्र मतदाता को उसके मतदान के अधिकार से वंचित न होना पड़े।

जननायक जनता पार्टी

जिला तहसीलदार भिवानी को प्रधानमंत्री के नाम 25 पैसे प्रति किलो की बढ़ोतरी के लिए ड्राफ्ट और चेक भेजकर विरोध जताया। किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर भी भारतीय जनता पार्टी सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए गए। जेजेपी नेताओं ने गेहूँ के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में प्रति क्विंटल मात्र 25 रुपये की बढ़ोतरी को किसानों की मेहनत, बढ़ती कृषि लागत, महँगे खाद-बीज और अन्य कृषि संसाधनों के खर्च के मुकाबले अपर्याप्त बताया। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए एमएसपी में पर्याप्त बढ़ोतरी की जानी चाहिए, ताकि किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो सके और उन्हें अपनी फसल का लाभकारी मूल्य मिल सके।

भिवानी जिलाध्यक्ष जितेन्द्र शर्मा और जिला प्रभारी कृष्ण बजीणा ने कहा कि आज किसान पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला  के कार्यकाल को याद करने लगे हैं है दुष्यंत चौटाला के उपमुख्यमंत्री रहते मंडियों में किसानों को कभी भी लाईनों में नहीं खड़ा होना पड़ता था बल्कि 48 घंटों के अंदर किसानों के खातों में पैसा जमा हो जाता था। दुष्यंत चौटाला जब तक उपमुख्यमंत्री रहे किसानों की 24 फसलें एम एस पी पर खरीदी गई थी।

जजपा पदाधिकारियों ने कहा कि जेजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष डा अजय सिंह चौटाला, उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के दिशानिर्देश पर किसानों के हितों की लड़ाई मजबूती से लड़ेगी और भाजपा सरकार की किसान विरोधी नीतियों को जनता के सामने रखेगी। 

जननायक जनता पार्टी फसल कटाई और बिक्री के समय जिले की सभी मंडियों में जाकर किसानों की सहायता करने का काम करेगी। साथ ही गांव-गांव जाकर पार्टी की नीतियों और जनहित के मुद्दों को लोगों तक पहुंचाएंगी।
इस मौके पर ज़िला अध्यक्ष जितेंद्र शर्मा, जिला प्रभारी कृष्ण बजीणा, राजबीर तालू, एडवोकेट अवतार सांगवान,ऋषिपाल फौगाट, देवेन्द्र नकीपूर, अजमेर मुंढाल,कृष्ण सुंगरपूर, राजू मेहरा ज़िला प्रवक्ता,सेठी धनाना,ओमी बापौडा राजपूत, भानी देवी ,जयदीप ग्रेवाल, संजय कारखल बलवंत औंरगनगर ,मदन जूसवाला रणबीर सैय,जर्नल सिपर, देवेन्द्र नकीपूर, मा.रमेश मिताथल, अजमेर मुंढाल, संदीप पंवार, ओमबीर मिताथल, प्रदीप सरपंच सज्जनपूर, राजेश शर्मा मुंढाल, सुरेश बलियाली,ललित बलियाली, सतबीर पूनिया,धोनी दहिया मिताथल,सुमित घोष मिताथल,प्रदीप गोयल, प्रदीप कालुवास बेनिवाल, जयवीर ,अल्का आर्य, राजेश आर्य, नरेश पांचाल सिवाड़ा ,मुकेश धनाना,फोर्ड धनाना,बीरमती देवी, राजकुमार रोहिल्लाधीरज सिंह,सुलतान सिंहसंदीप खानक,नरेंद्र वर्मा,भूपेंद्र गोदारा,कमलजीत यादव सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित थे