Haryana Roadways Protest: कैथल-पुंडरी रूट की टाइम टेबल पर घमासान, मुख्य गेट बंद कर यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें
कुरुक्षेत्र के नए बस स्टैंड पर समय सारणी को लेकर हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों और निजी बस संचालकों में विवाद हो गया है। विरोध में कर्मचारियों ने चक्का जाम कर दिया है।
कुरुक्षेत्र। हरियाणा के कुरुक्षेत्र स्थित नए बस स्टैंड पर कैथल-पुंडरी रूट की बस समय सारणी (Time Table) को लेकर हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों और निजी बस संचालकों के बीच टकराव खुलकर सामने आ गया है। दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस के बाद आक्रोशित रोडवेज कर्मचारियों ने बस स्टैंड का मुख्य गेट बंद कर पूरी तरह से चक्का जाम कर दिया है। कर्मचारियों ने दोटूक चेतावनी दी है कि जब तक प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचकर इस विवाद का उचित समाधान नहीं निकालते, तब तक उनका विरोध प्रदर्शन और चक्का जाम जारी रहेगा। इस अचानक हुए आंदोलन के कारण दूर-दराज से आए आम यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
📋 नई समय सारणी बनी विवाद की मुख्य वजह, रोडवेज यूनियन ने लगाया मिलीभगत का आरोप
विवाद की मुख्य जड़ कैथल आरटीओ द्वारा हाल ही में जारी की गई नई समय सारणी को बताया जा रहा है। हरियाणा रोडवेज यूनियन के प्रदेश प्रवक्ता रंजीत सिंह ने नई व्यवस्था पर कड़ा ऐतराज जताते हुए आरोप लगाया कि इस नई सारणी में सरकारी बसों के फेरों की संख्या में कटौती कर दी गई है, जबकि निजी बसों के फेरे बढ़ा दिए गए हैं। उनका कहना है कि इससे न केवल सरकारी परिवहन सेवाओं पर विपरीत असर पड़ेगा, बल्कि विभाग को भारी आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ेगा। यूनियन ने आरोप लगाया कि अधिकारियों और निजी बस संचालकों की मिलीभगत से यह बदलाव किया गया है, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
⚖️ निजी बस संचालकों का पक्ष और यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें, समाधान की तलाश में जुटे अधिकारी
दूसरी ओर, निजी बस मालिकों का कहना है कि वे आरटीओ की ओर से जारी आधिकारिक आदेशों और नई समय सारणी के अनुसार ही अपनी बसों का संचालन कर रहे हैं। निजी बस संचालक परवीन कुमार ने रोडवेज कर्मचारियों पर उनकी बसों को जबरन रोकने और तय समय पर रवाना न होने देने का आरोप लगाया है। विवाद बढ़ने के बाद जब निजी बसें नई सारणी के अनुसार निकलने लगीं, तो कर्मचारी उनके आगे खड़े हो गए, जिससे बस स्टैंड पर तनावपूर्ण माहौल बन गया। फिलहाल, दोनों पक्षों की जिद के बीच अधिकारी मामले को सुलझाने और यातायात सुचारू करने के प्रयासों में जुटे हुए हैं।