पिछले 18 माह से वेतन व रोजगार से वंचित है एलसीएलओ कर्मचारी

 
पिछले 18 माह से वेतन व रोजगार से वंचित है एलसीएलओ कर्मचारी

भिवानी:

अपनी विभिन्न मांगों को वीरवार को सिटिजन इंफोरमेशन रिसोर्स (क्रीड) विभाग के भिवानी, हिसार व दादरी तीन जिलों के लोकल कमेटी-लोकल ऑपरेटर (एलसीएलओ) स्थानीय नेहरू पार्क में एकत्रित हुए।

इसके उपरांत कर्मचारियों ने रोष स्वरूप केबिनेट मंत्री श्रुति चौधरी के निवास का घेराव किया तथा मंत्री श्रुति चौधरी के निजी सचिव दिलबाग के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम मांगपत्र सौंपा तथा सीपीएलओ में कन्वर्ट करने, नियमित कर्मचारियों के समान वेतन की मांग की।इस रोष प्रदर्शन व घेराव का नेतृत्व एलसीएलओ यूनियन हरियाणा के जिला अध्यक्ष प्रवीण व सीटू जिला सचिव कामरेड अनिल कुमार ने किया।

बता दे कि प्रदेश सरकार द्वारा हजारों एलसीएलओ का नियुक्ति के समय पदनाम बदल दिया गया, जिसके चलते वे 18 माह के वेतन से वंचित है। यही नहीं उन्हे अन्य काम भी नहीं मिल रहा। जबकि सरकार व विभाग द्वारा इनकी परीक्षा सीपीएलओ के पद हेतु ली गई थी। इसी के विरोध में वीरवार को एलसीएलओ प्रदर्शन व मंत्री आवास का घेराव किया गया।
      रोष प्रदर्शन व घेराव को संबोधित करते हुए किसान नेता कामरेड ओमप्रकाश सहित सीटू, किसान सभा व यूनियन नेताओं ने कहा कि कहा कि प्रदेश सरकार कर्मचारियों की समस्याओं का हल करने में पूरी तरह से विफल साबित हुई है। जबकि यदि सरकार की नीयत और नीति सही हो तो सभी मुद्दों को बातचीत से हल किया जा सकता है। यदि सरकार समय रहते एलसीएलओ का मसला हल नहीं करती है तो किसान सभा, सर्व कर्मचारी संघ व सीटू मिल कर एक संयुक्त आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।

उन्होंने कहा कि एलसीएलओ कर्मचारी यूनियन हरियाणा सीटू के बैनर तले मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र कुरुक्षेत्र में 19 सितंबर से दिन-रात का धरना चल रहा है तथा 29 सितंबर से लगातार क्रमिक अनशन पर बैठे है।
     इस मौके पर संगठन के जिला अध्यक्ष प्रवीन ने बताया कि क्रीड विभाग के तहत कर्मचारियों की नियुक्ति हरियाणा की 7 हजार ग्राम पंचायतों के ग्राम सचिवालयों में होनी थी, जहां बैठकर ये फैमिली आईडी से जुड़े कार्य जैसे आय प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, पेंशन वेरिफिकेशन और पंचायत के सभी ऑनलाइन कार्य करते थे, लेकिन चयन के बाद इसमें से करीब साढ़े तीन हजार कर्मचारियों के पदनाम बदलकर एलसीएलओ का ऑफर ऑफ अप्वाइंटमेंट दिया। जबकि विज्ञापन सीपीएलओ (क्रीड़ पंचायत लोकल ऑपरेटर) का था। जिनका पदनाम बदलकर एलसीएलओ बनाया गया। जिसके चलते उन्हे ना तो कोई मानदेय मिल रहा है तथा ना ही कोई काम दिया जा रहा है। जबकि सीपीएलओ को केवल 6000 वेतनमान दिया जा रहा है, जो न्यूनतम मजदूरी से भी काफी कम है।
      यूनियन व मजदूर किसान नेताओं ने कहा कि सरकार को चाहिए कि जल्द से जल्द एलसीएलओ पद को सीपीएलओ में बदले, ताकि इन कर्मचारियों को रोजगार मिल सकें तथा अपने परिवार का भरण-पोषण करने में सक्षम हो सकें। साथ ही उन्होंने चेतावनी भी दी कि जब तक उनकी ये मांग पूरी नहीं हो जाती, उनका आंदोलन यू ही जारी रहेगा, क्योंकि यह सिर्फ एक संघर्ष नहीं, उनके भविष्य की लड़ाई है।

इसके साथ ही उन्होंने ऐलान किया कि वे सयुक्त किसान मोर्चा व ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर 26 नवंबर को होने वाले देशव्यापी रोष प्रदर्शन में बढ़ चढ़ कर भाग लेंगे।
           आक्रोष प्रदर्शन व मंत्री आवास के घेराव को सीटू जिला सचिव अनिल, सीटू नेता भीम, संजय, किसान नेता कामरेड ओमप्रकाश, ब्लॉक नेता संतोष देशवाल के अलावा एलसीएलओ के जिला प्रधान प्रवीन, उपप्रधान आनंद दीक्षित, सचिव रामफल, संतोष, सुमन, सुमित हिसार, राजेश बरवाला, सोमबीर लोहारू आदि ने भी संबोधित किया।