खेलों के क्षेत्र में अपना भविष्य बनानो वाली हजारों बेटियों के लिए प्रेरणा बनी मानवी : महेंद्र सिंह ओड
भिवानी, 09 मई : कहते हैं कि अगर हौसलों में उड़ान हो, तो आसमान की ऊंचाइयों को छूना नामुमकिन नहीं है। इस कहावत को सच कर दिखाया है गांव बलियाली की होनहार बेटी मानवी चित्रा ने। रोहतक में आयोजित 69वें राष्ट्रीय स्कूल गेम्स की अंडर-17 गल्र्स क्रिेट टूर्नामेंट में मानवी ने न केवल अपनी खेल प्रतिभा का लोहा मनवाया, बल्कि हरियाणा की टीम को खिताबी जीत दिलाकर प्रदेश का नाम देशभर में रोशन किया है। 29 अप्रैल से 3 मई तक चले इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के फाइनल मुकाबले में मानवी चित्रा ने अपने ऑलराउंड प्रदर्शन से सबको अचंभित कर दिया।
उनके शानदार खेल की बदौलत हरियाणा ने फाइनल मैच जीतकर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। मानवी को उनके निर्णायक प्रदर्शन के लिए मैन ऑफ द मैच के खिताब से नवाजा गया। उनकी इस उपलब्धि ने साबित कर दिया कि हरियाणा की बेटियां क्रिकेट के मैदान में भी किसी से कम नहीं हैं। मानवी चित्रा की प्रतिभा केवल एक टूर्नामेंट तक सीमित नहीं है। वे अपनी फुर्तीली फील्डिंग के लिए प्रदेशभर में मशहूर हैं और कई बार बेस्ट फील्डर का खिताब जीत चुकी हैं। उनकी इसी असाधारण खेल क्षमता को देखते हुए क्रिकेट की सर्वोच्च संस्था बीसीासीआई भी उन्हें सम्मानित कर चुकी है। मानवी अपनी इस सफलता का सारा श्रेय अपने पिता गोविंद सिंह और अपनी माता के अटूट सहयोग और मार्गदर्शन को देती हैं। मानवी की इस ऐतिहासिक जीत पर खुशी जाहिर करते हुए ओड समाज हरियाणा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र सिंह ओड ने इसे पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बताया। उन्होंने कहा कि मानवी चित्रा ने राष्ट्रीय स्तर पर जो मुकाम हासिल किया है, वह केवल बलियाली या भिवानी के लिए नहीं, बल्कि पूरे हरियाणा के लिए गौरव की बात है। एक छोटे से गांव से निकलकर बीसीसीआई तक अपनी पहचान बनाना और नेशनल गेम्स में मैन ऑफ द मैच बनना मानवी की कड़ी मेहनत और उसके माता-पिता के त्याग का परिणाम है। मानवी आज उन हजारों बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं जो खेलों में अपना भविष्य बनाना चाहती हैं। उन्होंने मानवी के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और उम्मीद जताई कि जल्द ही यह बेटी भारतीय राष्ट्रीय टीम की जर्सी में नजर आएगी।

