प्रहलादगढ़ के जलघर में नया टैंक बनाने हेतु सौंपा ज्ञापन

 
प्रहलादगढ़ के जलघर में नया टैंक बनाने हेतु सौंपा ज्ञापन

भिवानी:

जिला के गांव प्रहलादगढ़ में ग्राम विकास और सत्ता के टकराव का एक बड़ा मामला सामने आया है। गांव के पंचों और ग्रामीणों ने सरपंच व सरपंच प्रतिनिधियों पर विकास कार्यों में बाधा डालने और सरकारी दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ करने के गंभीर आरोप लगाते हुए जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। इस मामले को लेकर मंगलवार को गांव प्रहलादगढ़ के पंचों व ग्रामीणों ने उपायुक्त व बीडीपीओ को मांगपत्र सौंपकर इस मामले में कार्रवाई की मांग की।
      ज्ञापन के माध्यम से पंच शीला, पुनम कुमारी, उषा, ममता, पंच जयप्रकाश, संदीप कुमार, पवन कुमार, महेंद्र कुमार व नबंरदार विरेंद्र सिंह, ईश्वर सिंह, हवा सिंह सहित पूर्व सरपंच सूबे सिंह, पूर्व सरपंच विनोद कुमार, नरेश कुमार, सतबीर सिंह, विनोद साहब, धर्मपाल साहब, वेद प्रकाश, महाबीर सिंह, राजेंद्र कुमार, अत्तर सिंह, सतपाल सिंह, वेदपाल, ओमपति, बागबाई, धर्मबाई, अंगूरी देवी, कमलेश, कमला देवी, ज्ञानता देवी, मुन्नी देवी, निर्मला, बाला देवी, मुकेश देवी सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि मामले की जड़ गांव के जलघर में सरकार द्वारा प्रस्तावित एक नए वॉटर टैंक का निर्माण है। उन्होंने बताया कि सरकार इस टैंक के निर्माण के लिए पहले ही टेंडर जारी कर चुकी है। गांव के अधिकांश पंच और ग्रामीण चाहते हैं कि यह टैंक जलघर के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में खाली पड़ी उपयुक्त जगह पर बनाया जाए।  हैरानी की बात यह है कि जहां ग्रामीण पानी की समस्या के समाधान के लिए इस टैंक को जल्द से जल्द बनवाना चाहते हैं, वहीं सरपंच इस कार्य में कोई विशेष रूचि नहीं ले रहे। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत के प्रस्ताव के बिना निर्माण कार्य रूका हुआ है, जिससे सरकारी फंड और समय दोनों की बर्बादी हो रही है।
     उन्होंने कहा कि 27 मार्च को जब विकास कार्यों को लेकर मीटिंग चल रही थी, तब सरपंच प्रतिनिधि ने बीच मीटिंग में आकर ग्राम सचिव के हाथों से कार्रवाई रजिस्टर जबरन छीन लिया। इस दौरान सरपंच प्रतिनिधि ने सरेआम धमकी दी कि जब तक पंच पिछले कार्यों के संदिग्ध कागजों पर हस्ताक्षर नहीं करेंगे, तब तक वह कोई नया प्रस्ताव नहीं होने देंगे। उन्होंने बताया कि जब यह मामला उपायुक्त के संज्ञान में आया तो सरपंच के एक अन्य प्रतिनिधि ने अधिकारियों के सामने यह झूठ बोला कि पंचायत ने प्रस्ताव पास कर दिया है। जबकि वास्तविकता यह है कि धरातल पर अब तक कोई आधिकारिक प्रस्ताव पास नहीं हुआ है और सरपंच लगातार इस पर हस्ताक्षर करने से मना कर रहे हैं।
      उन्होंने आरोप लगाया कि सरपंच और उनके प्रतिनिधि अपनी मनमर्जी चला रहे हैं। फसल कटाई का सीजन चल रहा है, लेकिन गांव के विकास की चिंता के बजाय उन्हें बार-बार मीटिंगों के नाम पर बुलाकर प्रताडि़त किया जा रहा है और पुराने कार्यों पर साइन करने का नाजायज दबाव बनाया जा रहा है। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि रजिस्टर छीनने और सरकारी काम में बाधा डालने वाले प्रतिनिधियों पर कानूनी कार्रवाई की जाए, सरपंच के हस्तक्षेप के बिना जनहित में वॉटर टैंक का निर्माण तुरंत शुरू करवाया जाए तथा ग्राम पंचायत के कार्यों की निष्पक्ष जांच की जाए ताकि ग्रामीणों के हक की रक्षा हो सके।