ग्रेप का तीसरा चरण लागू होने के चलते जिला में खनन संबंधित गतिविधियों पर रहेगी पाबंदी: डीसी
भिवानी।
बढ़ते वायु प्रदूषण चलते हुए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और निकटवर्ती क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग द्वारा दिल्ली और एनसीआर सहित जिलों में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) का तीसरा चरण लागू किया गया है।
यह कदम वायु गुणवत्ता को सुधारने और प्रदूषण के दुष्प्रभावों को कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है। वहीं दूसरी ओर पर्यावरण प्रदूषण की सिफारिश पर खानक में क्रशरों के संचालन को रोकने को लेकर थ्री फेस बिजली आपूर्ति को बिजली निगम द्वारा एक फेस में ही कर दिया गया है।
डीसी साहिल गुप्ता ने ये जानकारी देते हुए बताया कि दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में प्रदूषण का स्तर एक बार फिर निर्धारित मानकों से अधिक होने से ग्रैप-3 की पाबंदी लगाई गई है, जिसके लिए हमें प्रदूषण नियंत्रण उपायों को पूरी गंभीरता से अपनाना होगा।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और निकटवर्ती क्षेत्र वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की ओर से फरीदाबाद सहित एनसीआर क्षेत्र में लागू किए गए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप-3) के तहत संबंधित विभागों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
डीसी ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, शहरी निकायों, एचएसआईआईडीसी, लोक निर्माण विभाग, श्रम विभाग पंचायत विभाग सहित अन्य विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए कि वे जिले में बढ़ते प्रदूषण स्तर को नियंत्रित करने के लिए सख्त कदम उठाएं। सभी विभाग जिले में एयर क्वालिटी इंडेक्स यानी वायु गुणवत्ता सूचकांक को नियंत्रित रखने के लिए जमीनी स्तर पर मिलकर काम करें।
ग्रैप-3 के तहत धूलभरी सडक़ों पर धूल नियंत्रण को लेकर सडक़ों की मशीनों और वैक्यूम आधारित सफाई, रोजाना पानी का छिडक़ाव और धूल नियंत्रण सामग्री का प्रयोग करने के साथ-साथ एकत्रित धूल को निर्धारित स्थलों पर निस्तारित करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्माण कार्यों में केवल गैर-प्रदूषणकारी गतिविधियं जैसे जैसे प्लंबिंग, इलेक्ट्रिकल, कारपेंट्री और इंटीरियर फिनिशिंग की अनुमति दी गई है, जबकि स्टोन क्रेशर और माइनिंग गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
प्रदूषण नियंत्रण के लिए नागरिक सहयोग करें: डीसी
डीसी ने नागरिकों से अपील की है कि वे ग्रेप के तीसरे चरण के चलते पर्यावरण प्रदूषण को रोकने में अपना सहयोग करें। ऐसी कोई भी गतिविधि ना करें, जिससे वायु प्रदूषण हो। लकड़ी या कोयला न जलाएं। कहीं भी कूड़े या कचरे में आग ना लगाएं। पत्थर आदि भवन निर्माण सामग्री तोडऩे वाली कोई गतिविधि न करें।

