प्रधानमंत्री की अपील के अनुरूप हमें संसाधनों का सीमित एवं संयमित उपयोग कर राष्ट्र निर्माण में भागी बनना चाहिए : चौधरी धर्मबीर सिंह सांसद
सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह ने सोना नहीं खरीदने और शादी विवाह मृत्यु भोज एवं अन्य प्रोग्रामो में अनावश्यक एवं फिजूल खर्ची नही करने की अपील की
सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह ने प्रदेश के मुख्यमंत्री, मंत्रियों एवं बड़े अधिकारियों को अपने काफिले में कम से कम वाहनों का प्रयोग करने की दी सलाह
May 13, 2026, 16:36 IST
भिवानी 13 मई। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अपील के अनुरूप हमें संसाधनों का समित एवं संयमित उपयोग कर राष्ट्र निर्माण का भागी बनना चाहिए। यह विचार भिवानी महेंद्रगढ़ से लोकसभा सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह ने अपने निज निवास स्थान पर जनसंवाद कार्यक्रम के तहत लोगों की जनसुनवाई करते हुए कहे। उन्होंने कहा कि हम सबके लिए राष्ट्रहित सर्वोपरि है और इसी समर्पण भाव के साथ हमें नेशन फर्स्ट, नेशन मस्ट और नेशन ऑलवेज के सिद्धांत पर चलकर पूर्ण समर्पित भाव से राष्ट्रहित में काम करना चाहिए। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 11 मई को राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में देशवासियों से अगले एक साल तक सोना न खरीदने की अपील की है। इस अनूठी अपील का उद्देश्य पश्चिमी एशिया में संघर्ष के कारण बढ़ती तेल की कीमतों के बीच भारत के विदेशी मुद्रा भंडार को संरक्षित करना और रुपये की स्थिति को मजबूत रखना है।
उन्होंने कहा कि लोग सोना न खरीदें क्योंकि शादी विवाह रिवाजों में सोने की खरीद के प्रचलन एवं देखा देखी अंधाधुंध होड़ ने आम गरीब एवं मध्यम परिवार को भी कर्ज़वान बना दिया है जिससे बचने के लिए सोना नहीं खरीदना चाहिए। उन्होंने कहा कि डॉक्टर भी हमें स्वस्थ जीवन के लिए कम खाने, नियमित रूप से शारीरिक श्रम करने की सलाह देता है। आज हम देखते हैं कि छोटे छोटे कम दूरी के कामों के लिए भी व्हीकल का प्रयोग करते हैं जिससे शरीर और पैसे की बर्बादी होती है। उन्होंने पैदल चलने और साइकिल के प्रयोग पर बल दिया। उन्होंने सभी नागरिकों से कार्यों के लिए निजी वाहनों के प्रयोग की बजाय रेल एवं बस यातायात का प्रयोग करने का आह्वान किया।
सांसद ने इस अपील के साथ ही पेट्रोल-डीजल एवं खाद्य तेल की खपत कम करने और आम नागरिकों से अनावश्यक यात्राओं से भी बचने की सलाह दी। सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह ने प्रदेश के मुख्यमंत्री, मंत्रियों एवं बड़े अधिकारियों को अपने काफिले में कम से कम वाहनों का प्रयोग करने की सलाह दी है।
लोकसभा सांसद धर्मबीर सिंह ने बताया कि वैश्विक महामारियों और बड़े वैश्विक संकटों के दौर में भी भारत ने चुनौतियों का सामना कर मजबूती के साथ विश्व को एक नई राह दिखाई है, जिसका ताजा उदाहरण 2019 की वैश्विक महामारी कोरोना में देखने को मिला है।
उन्होंने बताया कि भारत ने बड़ी से बड़ी से बड़ी चुनौतियों का मुकाबला ही नहीं किया बल्कि इन्हे अवसरों में बदलकर विश्व की अगुवाई की है। आज के समय की मांग है कि हम सोना न खरीदकर इसके अन्य आवश्यक एवं अंधाधुंध प्रचलन को कम करते हुए अपने संसाधनों का सीमित एवं संयमित उपयोग करें और इसके लिए सबकी सहभागिता अनिवार्य है। उन्होंने लोगों की समस्याओं को ध्यान से सुना और संबंधित अधिकारियों को उनके तत्काल समाधान के दिशा निर्देश जारी किए।
उन्होंने कहा कि लोग सोना न खरीदें क्योंकि शादी विवाह रिवाजों में सोने की खरीद के प्रचलन एवं देखा देखी अंधाधुंध होड़ ने आम गरीब एवं मध्यम परिवार को भी कर्ज़वान बना दिया है जिससे बचने के लिए सोना नहीं खरीदना चाहिए। उन्होंने कहा कि डॉक्टर भी हमें स्वस्थ जीवन के लिए कम खाने, नियमित रूप से शारीरिक श्रम करने की सलाह देता है। आज हम देखते हैं कि छोटे छोटे कम दूरी के कामों के लिए भी व्हीकल का प्रयोग करते हैं जिससे शरीर और पैसे की बर्बादी होती है। उन्होंने पैदल चलने और साइकिल के प्रयोग पर बल दिया। उन्होंने सभी नागरिकों से कार्यों के लिए निजी वाहनों के प्रयोग की बजाय रेल एवं बस यातायात का प्रयोग करने का आह्वान किया।
सांसद ने इस अपील के साथ ही पेट्रोल-डीजल एवं खाद्य तेल की खपत कम करने और आम नागरिकों से अनावश्यक यात्राओं से भी बचने की सलाह दी। सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह ने प्रदेश के मुख्यमंत्री, मंत्रियों एवं बड़े अधिकारियों को अपने काफिले में कम से कम वाहनों का प्रयोग करने की सलाह दी है।
लोकसभा सांसद धर्मबीर सिंह ने बताया कि वैश्विक महामारियों और बड़े वैश्विक संकटों के दौर में भी भारत ने चुनौतियों का सामना कर मजबूती के साथ विश्व को एक नई राह दिखाई है, जिसका ताजा उदाहरण 2019 की वैश्विक महामारी कोरोना में देखने को मिला है।
उन्होंने बताया कि भारत ने बड़ी से बड़ी से बड़ी चुनौतियों का मुकाबला ही नहीं किया बल्कि इन्हे अवसरों में बदलकर विश्व की अगुवाई की है। आज के समय की मांग है कि हम सोना न खरीदकर इसके अन्य आवश्यक एवं अंधाधुंध प्रचलन को कम करते हुए अपने संसाधनों का सीमित एवं संयमित उपयोग करें और इसके लिए सबकी सहभागिता अनिवार्य है। उन्होंने लोगों की समस्याओं को ध्यान से सुना और संबंधित अधिकारियों को उनके तत्काल समाधान के दिशा निर्देश जारी किए।

