मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना ऑनलाइन आवेदन से आसान हुई प्रक्रिया:- रवि मीणा  

 
मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना ऑनलाइन आवेदन से आसान हुई प्रक्रिया:- रवि मीणा  

 तोशाम।
 एसडीएम रवि मीणा (आईएएस) ने  बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा समाज के सभी वर्गों की बेटियों और दिव्यांगजन की शादी में आर्थिक सहयोग प्रदान करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना चलाई  जा रही है। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को सशक्त बनाने और बेटियों के विवाह के लिए प्रोत्साहन देने का एक सराहनीय प्रयास है।
 उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना समाज में समानता और सशक्तिकरण का प्रतीक है। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सहायता प्रदान करना और बेटियों की शादी में आर्थिक सहायता के रूप में सहयोग करना है। 
  एसडीएम ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदक को अपनी बेटी के विवाह के बाद 6 माह के भीतर विवाह पंजीकरण करवाना अनिवार्य है। योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाया गया है। आवेदक  shadi.edisha.gov.in पोर्टल पर जाकर विवाह पंजीकरण और मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के लिए आवेदन कर सकते है। सरकार की योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुँचाना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। 
 उन्होंने सभी पात्र परिवारों से अपील की है कि वे इस योजना का लाभ उठाएं और अपनी बेटियों के भविष्य को सुरक्षित और खुशहाल बनाएं।
 इस योजना के तहत लाभार्थियों को सहायता राशि प्रदान की जाती है, जिसमें अनुसूचित जाति, विमुक्त जाति/ टपरीवास जाति के लाभार्थियों जिनकी वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये तक हो की बेटियों के विवाह पर 71,000/- रूपये की धनराशि  अनुदान राशि प्रदान की जाती है और पिछड़े वर्ग और सामान्य वर्ग के व्यक्तियों जिनकी वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये तक हो की बेटियों के विवाह पर 41,000/- अनुदान राशि दी जाती है।

सभी वर्गों की विधवा, अनाथ, तलाकशुदा, बेसहारा महिलाओं और उनके बच्चों की बेटियों की शादी के लिए 51,000/- अनुदान राशि प्रदान की जाती है।खिलाड़ी महिलाओं जिनकी वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये तक हो की शादी के लिए भी 41,000/- रूपये की धनराशि  सहायता राशि दी जाती है। इसके साथ-साथ इस योजना के तहत यदि विवाह में दोनों वर-वधू दिव्यांग हैं, तो उन्हें 51,000/- अनुदान राशि दी जाएगी। अगर केवल एक वर या वधू दिव्यांग है, तो 41,000/- की अनुदान राशि दी जाएगी।