किसानों के साथ कोई भी अन्याय नहीं होने दिया जाएगा: एसडीएम प्रदीप
तोशाम।
एसडीएम प्रदीप अहलावत ने कहा कि राज्यसभा सांसद किरण चौधरी से हुई फोन की बातचीत के दिशा निर्देश पर संज्ञान लेते हुए किसानों के साथ बैठके आयोजित की जा रही है।
दो बैठके किसानों के साथ हो चुकी है और अगली बैठक 22 जनवरी को प्रशासन, बिजली कंपनी के अधिकारियों और किसानों की सयुक्त बैठक होगी। जहां प्रशासन द्वारा बिजली कंपनी के अधिकारी और किसानों के साथ एक संयुक्त बातचीत करके जल्द ही किसानों को उनकी सहमति से मुआवजा दिया जाएगा।
एसडीएम ने बताया कि यह पावर ग्रिड सिवानी से सोनीपत तक जाएगी। जिसमें तोशाम उपमंडल के 13 गांव से गुजरेगी। तोशाम उपमंडल के भेरा, मिरान, दरियापुर, छप्पार जोगियान, छप्पार रांगडान, पिंजोखरा, डाडम,बागनवाला, तोशाम, अलखपुरा, सागबन और भूरटाना गांव के खेतों से होकर यह बिजली लाइन गुजरेगी।
एसडीएम प्रदीप अहलावत ने बताया कि तीन सर्वे एजेंसियां जमीनों के कलेक्ट्रेट तय कर रही है, इसमें एक किसानों की तरफ से, एक प्रशासन की तरफ से और एक बिजली कंपनी की तरफ से नियुक्त की गई है। तीनों के रेट बंद लिफाफे में लिए जाएंगे। जमीनों के रेट के बंद लिफाफों को किसानों के साथ बैठक में खोलकर गांव वाइज रेट तय किए जाएंगे।
बंद लिफाफा में आई नीचे के दो लिफाफों के रेट के बीच का रेट की धनराशि का रेट तय किया जाएगा।
एसडीएम प्रदीप अहलावत ने कहा कि किसानों की सहमति से ही बिजली के टावर उनके खेतों में लगेंगे। एसडीम ने कहा कि जहां टावर लगेगा जमीन का तय रेट से दोगुना रेट किसानों को मिलेगा और जहां तार जाएंगे वहां पर 46 मीटर तक तय रेट से 30 प्रतिशत अधिक राशि का मुआवजा किसानों को दिया जाएगा।

