श्राद्ध अमावस्या के दिन गौवंश को बचाने के लिए पशुपालन एवं डेयरिंग विभाग ने कसी कमर 

 
श्राद्ध अमावस्या के दिन गौवंश को बचाने के लिए पशुपालन एवं डेयरिंग विभाग ने कसी कमर 

भिवानी :

21 सितंबर को श्राद्ध अमावस्या के दिन गौवंश को बचाने के लिए पशुपालन एवं डेयरिंग विभाग ने कमर कस ली है। इसी कड़ी में उपमंडलाधिकारी डा. राजेश जाखड़ ने बुधवार को स्थानीय श्री ट्रस्ट गौशाला का दौरा किया व बीमार पशुओं को रखे जाने वाले स्थान का जायजा लिया।  
     डा. जाखड़ ने बताया कि पशुपालन विभाग की टीम बीमार गौवंश का उपचार करेगी। विभाग ने पशु चिकित्सकों के नेतृत्व में उपचार के लिए टीमों का गठन किया है। 21 से 23 सितंबर तक 16 पशु चिकित्सक, 32 वीएलडीए व 48 पशु परिचर दिन-रात बीमार गौवंश का उपचार करेंगी।

उन्होंने बताया कि 21 सितंबर को डा. सोनू व डा. मनीष की टीम चार वीएलडीए व 6 पशु परिचर के साथ सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक पशुओं के उपचार के लिए गौशाला में तैयार रहेगी। दूसरी टीम डा. विजय सनसनवाल व डा. जितेंद्र के नेतृत्व में 4 वीएलडीए व 6 पशु परिचर के साथ शाम 4 बजे से रात 12 बजे तक उपचार करेगी।

वही तीसरी टीम डा. हरिओम व डा. नरेंद्र के नेतृत्व में 4 वीएलडीए व 6 पशु परिचर 22 सितंबर को रात 12 बजे से सुबह 8 बजे तक उपचार करेगी। टीम चार डा. सुधीर व डा. जोनी के नेतृत्व मे 22 सितंबर को सुबह 8 बजे से सांय 4 बजे तक उपचार करने का कार्य करेगी।

वही टीम नंबर-5 डा. मनोज व विशाल के नेतृत्व में सांय 4 बजे से रात 12 बजे तक उपचार का जिम्मा संभालेंगी। उसके बाद टीम नंबर-6 में डा. संजीव व डा. नीमन व 7 नंबर टीम में डा. सुरेंद्र व डा. नरेश चिकित्सा का जिम्मा संभालेंगे। इसके अतिरिक्त डा. अमित पुनिया व डा. अश्विनी उपचार करेंगे। डा. बलवान व डा. राजेश की टीम नंदीशाला व रिजर्व का कार्य संभालेंगी।
     डा. विजय सनसनवाल को इन सभी टीमों का नोडल ऑफिसर नियुक्त किया गया है। जो उन्हे हर मदद करेंगे। डा. विजय सनसनवाल ने लोगों से अपील की है कि वे गौवंश को बचाने में हमारा सहयोग करें। तली हुई चीजें गायों को ना खिलाएं। पितृदान गौशाला में रखे हुए ड्रमों में डाले, ताकि गौवंश को थोड़ा-थोड़ा बांटकर खिलाया जा सकें तथा इस दिन गौवंश के लिए गौशालाओं में धन का दान करें, जिससे गौशालाएं पशुओं का चारा खरीदकर गायों को खिला देंगी।
      श्री ट्रस्ट गौशाला भिवानी के प्रधान मोहनलाल बुवानीवाला ने बताया कि गायों को रखने की पूरी व्यवस्था करवा दी गई है। श्राद्ध अमावस्या पर गौशाला गेट पर ड्रम रखे जाएंगे।

उनमें श्राद्ध में पितृ तृप्ति दान डाला जा सकता है। उन्होंने नगर परिषद से गुहार लगाई कि गौवंश को बचाने के लिए अमावस्या वाले दिन कूड़ा उठाने वाली गाडिय़ों में ड्रम रखकर भिवानी में घुमाएं, ताकि जो तला हुआ खाना गायों को खिलाया जाता है, वो उन ड्रमों में एकत्रित किया जा सकें और गौशालाओं में थोड़ा-थोड़ा गायों में बांटा जा सकें।

इससे लोगों की भावनाएं भी आहत नहीं होगी और गौवंश भी बच जाएगा। इस मौके पर गौशाला सेवा विस्तारक मोहनलाल बलसेरा, वीएलडीए कुसुम, राजकुमार, निखिल, रीतू आदि मौजदू रहे।