भिवानी में एक दिवसीय सांकेतिक भूख हड़ताल 

 
भिवानी में एक दिवसीय सांकेतिक भूख हड़ताल 

भिवानी :

सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा और ई.ई.एफ.आई. से संबंधित ऑल हरियाणा पावर कॉरपोरेशन वर्कर यूनियन (हेड ऑफिस हिसार) के आह्वान पर बुधवार को भिवानी सर्कल में बिजली कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर एक दिवसीय सांकेतिक भूख हड़ताल की।

इस सांकेतिक भूख हड़ताल व धरने की अध्यक्षता सर्कल सचिव अशोक गोयत ने की, जबकि मंच का संचालन विकास भूंगला और राजेश बुला द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।

सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा जिला भिवानी के प्रधान सुमेर आर्य ने कर्मचारियों को फूल-माला पहनाकर कर्मचारियों नेताओं को सांकेतिक भूख हड़ताल पर बैठाया।
     भूख हड़ताल को राज्य प्रधान राजेश सांगवान, राज्य सचिव लोकेश, राज्य कमेटी सदस्य चांदराम, विजय जांगड़ा, और सतीश पूनिया, शिक्षा बोर्ड के प्रधान सतवीर स्वामी, राजेश लांबा, सोमवीर पूनिया, सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा राज्य के सचिव अशोक पिलानिया ने भी संबोधित किया।

 इसके अलावा सतीश तंवर, सुरेश अटरिया, अशोक साहनी, रविंद्र यादव, मनदीप बरवाल, सतवीर, शंकर शर्मा और बिजेंदर गिरी जैसे नेताओं ने भी अपने विचार रखे और आंदोलन को तेज करने की चेतावनी दी। भूख हड़ताल को संबोधित करते हुए राज्य कमेटी के पदाधिकारियों ने हरियाणा सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार किया।

वक्ताओं ने कहा कि सरकार कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने के बजाय उन्हें कागजी कार्रवाई और तकनीकी उलझनों में फंसा रही है।
     इस दौरान सर्कल सचिव अशोक गोयत ने कहा कि हरियाणा उच्च न्यायालय के आदेशानुसार 31 दिसंबर 2026 तक कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की प्रक्रिया पूरी होनी चाहिए, लेकिन धरातल पर अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं दिख रही है। उन्होंने कहा कि बिजली जैसी आपातकालीन और जोखिम भरी सेवा में आदर्श तबादला नीति को लागू करना कर्मचारियों के हितों के खिलाफ है।

कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन योजना को जल्द से जल्द बहाल करने की मांग दोहराई।
      सर्कल सचिव अशोक गोयत ने बिजली निगम के प्रबंधन और सरकार के सामने मांगों का चार्टर रखा, जिसमें जब तक 240 दिन पूरे कर चुके कच्चे कर्मचारियों को पक्का नहीं किया जाता, तब तक उन्हें समान काम-समान वेतन और मेडिकल सुविधाएं दिए जाने, सभी बिजली घरों में कार्य की जटिलता को देखते हुए पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों का प्रबंध कराने, कार्यरत (कच्चे व पक्के) और सेवानिवृत्त बिजली कर्मचारियों को प्रति माह 1000 यूनिट मुफ्त बिजली दिए जाने, खाली पड़े पदों पर बढ़ते लोड के अनुसार तुरंत नियमित भर्ती किए जाने, जिन कार्यालयों में 5 से अधिक महिला कर्मचारी हैं, वहां क्रेच, रेस्ट रूम और अलग शौचालय की व्यवस्था करने तथा विशेष परिस्थितियों में महिलाओं के काम के घंटों में छूट दिए जाने की मांग की।
      ऑल हरियाणा पावर कॉरपोरेशन वर्कर यूनियन के राज्य ऑडिटर धर्मबीर भाटी ने सरकार को स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने उनकी जायज मांगों को अनसुना किया, तो आने वाले समय में बिजली कर्मचारी बड़ा आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेंगे, जिसकी जिम्मेदारी पूर्ण रूप से प्रशासन और सरकार की होगी।