पालम अग्निकांड: केजरीवाल के दौरे पर भारी बवाल, AAP का BJP पर मारपीट का आरोप!
दिल्ली के पालम में 9 मौतों के बाद शोक संतप्त परिवार से मिले अरविंद केजरीवाल। AAP विधायक विनय मिश्रा घायल, सौरभ भारद्वाज ने BJP कार्यकर्ताओं पर लगाया कुर्सी फेंकने का आरोप।
दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल गुरुवार को पालम अग्निकांड के पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे. इस अग्निकांड में 9 लोगों की मौत हुई थी. जब केजरीवाल पालम पहुंचे तो आम आदमी पार्टी और बीजेपी के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए. आम आदमी पार्टी का आरोप है कि बीजेपी कार्यकर्ताओं ने उनके साथ मारपीट की. इसे लेकर केजरीवाल ने कहा, पालम में पीड़ित परिवार से मिलने गया था. कश्यप जी के दुख में शामिल होने के लिए गया था लेकिन बीजेपी कार्यकर्ताओं ने वहां हमें मिलने से रोका, बदसलूकी की, कुर्सियां फेंकीं.. ये कैसे लोग हैं? इन लोगों में मानवता ख़त्म हो चुकी है.
उन्होंने कहा कि सरकार की नाकामी और लापरवाही ने 9 लोगों की जान ले ली. फायर ब्रिगेड की हाइड्रोलिक लिफ़्ट तक नहीं खुली, लोग घंटों मदद के लिए पुकारते रहे और तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया और ऊपर से शोक संतप्त परिवार के घर पर ये लोग गुंडागर्दी कर रहे हैं? ये अमानवीयता की पराकाष्ठा है.
ये कुर्सी कुलदीप सोलंकी के गुंडों ने फेंककर मारी
उधर, आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने एक वीडियो जारी कर कहा कि ये शोक सभा है. ये कुर्सी बीजेपी के विधायक कुलदीप सोलंकी के गुंडों ने मुझे फेंककर मारी, मुझे नहीं लगी, हमारे पूर्व विधायक विनय मिश्रा के सिर में लगी, वो घायल हुए. सोचिए एक परिवार के 9 लोग इस बीजेपी सरकार की लापरवाही से मर गए और शोकसभा में अरविंद केजरीवाल आ रहे थे, ये बीजेपी की मानसिकता है. सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली के पुलिस कमिश्नर और उपराज्यपाल से मामले में संज्ञान लेने की गुहार लगाई है.
फायर ब्रिगेड की हाइड्रोलिक लिफ्ट नहीं खुली
अग्रिकांड को लेकर सौरभ भारद्वाज ने कहा,सभी को मालूम है कि फायर ब्रिगेड की हाइड्रोलिक लिफ्ट नहीं खुली लेकिन बीजेपी झूठ बोल रही है, ये किसे बेवकूफ बना रहे हैं?यहां बीजेपी पीड़ित परिवार के साथ सहानुभूति रखने की बजाय राजनीति कर रही है. वहीं पार्टी की ओर से एक पोस्ट में कहा गया कि आग लगने की घटनाओं के बाद लगातार फायर ब्रिगेड की लापरवाही से लोगों की जानें जा रही हैं लेकिन मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की कुंभकर्णी नींद खुलने का नाम नहीं ले रही है. सिस्टम को संभालना तो दूर CM साहिबा के पास पीड़ितों से मिलने तक का समय नहीं है.

