शहीद स्मारक पर वीर योद्धा को किया नमन
भिवानी :
सैनी कल्याण परिषद द्वारा शुक्रवार को स्थानीय नेहरू पार्क स्थित शहीद स्मारक पर 1857 की क्रांति के महान योद्धा शहीद गुलाब सिंह सैनी का 168वां बलिदान दिवस अत्यंत भावपूर्ण और गौरवमयी ढंग से मनाया गया।
इस अवसर पर समाज के गणमान्य व्यक्तियों और युवाओं ने भारी संख्या में एकत्रित होकर देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले इस महान सेनानायक को पुष्पांजलि अर्पित की। शहीद स्मारक पर आयोजित इस कार्यक्रम के अंत में दो मिनट का मौन रखकर वीर शहीद को श्रद्धांजलि दी गई और उनके जयघोष से पूरा परिसर गूंज उठा।
इस मौके पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सैनी कल्याण परिषद के प्रधान भूप सिंह सैनी व उप्रधान ओमप्रकाश सैनी ने कहा कि इतिहास के पन्नों को पलटते हुए गुलाब सिंह सैनी बल्लभगढ़ के महाराजा नाहर सिंह की सेना के मुख्य सेनापति थे।
एक साधारण किसान परिवार में जन्मे गुलाब सिंह ने अपनी असाधारण वीरता, बुद्धिमानी और युद्ध कौशल के दम पर सेनापति और राजा के मुख्य सलाहकार का पद प्राप्त किया था। उन्होंने बताया गया कि 10 मई 1857 को जब मेरठ और अंबाला से अंग्रेजी सेना ने दिल्ली पर कब्जा करने के उद्देश्य से कूच किया, तब गुलाब सिंह सैनी की सेना ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए अंग्रेजों का डटकर मुकाबला किया।
उन्होंने कई मोर्चों पर ब्रिटिश सेना को धूल चटाई और उन्हें पीछे हटने पर मजबूर कर दिया। उनकी सैन्य रणनीति से अंग्रेज इतने भयभीत थे कि वे उन्हें अपना सबसे बड़ा शत्रु समझने लगे थे।
आज ही के दिन यानी 9 जनवरी 1858 को दिल्ली के ऐतिहासिक चांदनी चौक पर अंग्रेजों द्वारा उन्हें फांसी दे दी गई। उनके साथ महाराजा नाहर सिंह ने भी हंसते-हंसते फांसी के फंदे को चूम लिया था।
प्रधान भूप सिंह सैनी व उपप्रधान ओमप्रकाश सैनी कहा कि शहीद गुलाब सिंह सैनी का बलिदान केवल एक समाज के लिए नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के लिए गौरव का विषय है।
कार्यक्रम में युवाओं से आह्वान किया गया कि वे इन महान बलिदानियों के जीवन से प्रेरणा लें और देश की एकता व अखंडता के लिए सदैव तत्पर रहें। इस अवसर पर सुभाष चंद्र सैनी, जगदीश फौजी, ईश्वर सिंह गुर्जर, वीर सिंह सैनी, राधेश्याम ठेकेदार, फूल सिंह सैनी, राजकुमार सैनी डीजे वाला, पप्पू, रवि शंकर, चिरंजीलाल सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

