अमेरिका में बैठकर पूरे परिवार को मारने की प्लानिंग

पानीपत में शरीर पर 20 से ज्यादा जगह चाकू मारकर हत्या किए गए आर्यन के मर्डर केस में खुलासा हुआ है। पुलिस ने इस मामले में 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि अमेरिका में रह रहे आर्यन के चचेरे भाई साहिल ने प्रॉपर्टी हड़पने के लिए उसके मर्डर की साजिश रची थी।
साहिल का अगला टारगेट आर्यन का बड़ा भाई और मां थी। वह प्रॉपर्टी के लिए पूरे परिवार को रास्ते से हटाना चाहता था। हालांकि, इससे पहले ही पुलिस ने 4 अप्रैल की रात डाहर बाइपास से मांडी गांव के ही मुकेश और सोनीपत के प्रदीप को पकड़ लिया। साहिल ने दोनों को बड़े सपने दिखाकर आर्यन की हत्या कराई।
1. हत्या करने वाले बदमाशों को मिलना था हिस्सा SP लोकेंद्र सिंह ने बताया कि प्लानिंग के तहत साहिल ने ही प्रदीप, मुकेश और एक नाबालिग के जरिए वारदात को अंजाम दिलवाया है। आर्यन की हत्या के बाद उनका अगला टारगेट आर्यन का बड़ा भाई था। वह आर्यन मर्डर केस का शिकायतकर्ता है। उसके भाई के मर्डर के बाद वह मां को भी रास्ते से हटाना चाहता था। इसके बाद पूरी जमीन पर वह कब्जा करता। इसके लिए कुछ हिस्सा हत्याएं करने वाले बदमाशों को भी मिलना था।
2. हत्या के बाद वसूली का गैंग चलाने वाले थे बदमाशों की प्लानिंग थी कि तीनों की हत्याओं के बाद प्रॉपर्टी धंधा का काम शुरू करेंगे। जहां से उन्होंने अवैध वसूली का गैंग चलाना था। इस गैंग के लिए लोगों को तैयार करना था, जोकि टारगेट कीलिंग कर अवैध वसूली का धंधा करते हैं। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक मुकेश के खिलाफ रोहतक में चोरी का केस दर्ज है। इस केस में वह वांटेड था।
3. घर से बुलाने वाले का रोल सामने नहीं आया SP ने यह भी बताया कि आर्यन को घर से बुलाकर ले जाने वाले नाबालिग निशु का फिलहाल जांच में कोई रोल सामने नहीं आया है। हालांकि उससे पूछताछ जारी है, लेकिन इस बात का खुलासा नहीं हुआ है कि निशु को आर्यन की हत्या करने का कुछ पता था या नहीं। सभी पहलुओं पर जांच-पड़ताल अभी भी जारी है।
घर से बुलाकर ले गया था चचेरा भाई इसराना थाना पुलिस को दी गई शिकायत में आशा ने बताया था कि वह मांडी गांव की रहने वाली है। उसका बेटा आर्यन (18) 26 मार्च की सुबह करीब 10 बजे घर से गया था। उसे घर से परिवार के ही राजेश का बेटा निशु बुलाकर ले गया था। उसने कहा था कि कुछ खाने चलते हैं। रास्ते में निशु ने नमकीन और कोल्ड ड्रिंक भी ली।
शाम 9 बजे तक भी वह घर नहीं लौटा। इसके बाद मां ने निशु को फोन किया। निशु ने उससे अभद्र व्यवहार किया। साथ ही आर्यन के बारे में बताने से मना कर दिया। इसके बाद निशु ने फोन काट दिया और दोबारा बात नहीं की। अनहोनी की आशंका के चलते वह तुरंत थाने पहुंची और शिकायत दी। रातभर में आर्यन के आने का इंतजार करते रहे।
नकाबपोश युवकों ने हत्या की आर्यन के ताऊ तकदीर ने बताया था कि परिवार के लोगों ने गांव के CCTV कैमरे चेक किए। तब पता चला कि जब आर्यन निकला तो गांव के मोड़ पर बाइक पर 2 नकाबपोश युवक खड़े थे। आर्यन को देखकर वह आगे निकल गए। आर्यन खेतों की तरफ चला गया। वहां पहले ही 2 बंदे आर्यन को मारने के लिए बैठे थे।
उन्होंने आर्यन को थप्पड़ मारने शुरू कर दिए। आर्यन बचने के लिए खेतों की तरफ भागा। इसके बाद उसकी चाकू से हत्या कर दी। इनकी आपस में कोई लड़ाई नहीं थी। वह ढूंढते हुए उसे एक किलोमीटर दूर खेतों में पहुंचे। वहां आर्यन का शव पड़ा हुआ था। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई।
आर्यन ने 10वीं के बाद पढ़ाई छोड़ी आर्यन 2 भाइयों में छोटा था। 10वीं के बाद उसने पढ़ाई छोड़ दी थी। आर्यन के पिता की काफी समय पहले बीमारी के चलते मौत हो गई थी। उसका चचेरा भाई निशु 2 भाइयों में छोटा था। उसने हाल ही में 10वीं क्लास के पेपर दिए थे।