पीएम आवास के बाहर राहुल गांधी का धरना, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं ने पीएम आवास के बाहर दिया धरना। छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग।

 
Congress protest students lathicharge

राजधानी दिल्ली में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पहली बार प्रधानमंत्री आवास 7 लोक कल्याण मार्ग के बाहर धरने पर बैठे हैं। उनके साथ उनकी बहन और पार्टी सांसद प्रियंका गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुल खरगे समेत कांग्रेस के कई नेता धरने पर बैठे हैं। बड़ी बात यह है कि राहुल गांधी इस धरना स्थल तक पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास से करीब 7 किलोमीटर पैदल चलकर वहां पहुंचे थे। ये लोग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांग रहे हैं।

धरना स्थल पर दो CM भी

बताया जा रहा है कि पीएम आवास के बाहर कांग्रेस के इस धरने की मुख्य वजह लोकसभा में स्पीकर द्वारा छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के मुद्दा को नहीं उठाने देना है। माना जाता है कि संसद में गतिरोध के बाद राहुल गांधी ने अपनी पार्टी के सांसदों से कहा कि चलो, इस मुद्दे पर अब प्रधानमंत्री को जगाते हैं। धरना स्थल पर कांग्रेस के तमाम बड़े नेताओं के साथ वहां दो मुख्यमंत्रियों की मौजूदगी भी देखी गई। इनमें एक केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन हैं और दूसरे कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार हैं। हालांकि कहा जा रहा है कि ये दोनों नेता वहां राहुल से मुलाकात करने के बाद चले गए।

'प्रधानमंत्री इस्तीफा दो' के नारे

ये नेता छात्रों के खिलाफ कल पुलिस के बल प्रयोग के मामले में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इस्तीफे की मांग करते हुए प्रधानमंत्री आवास के निकट धरने पर बैठे हैं। प्रधानमंत्री के आवास '7 लोक कल्याण मार्ग' के निकट धरने पर बैठे कांग्रेस नेताओं ने यहां 'प्रधानमंत्री इस्तीफा दो' के नारे लगाए। इससे पहले, राहुल गांधी ने कहा कि पुलिस कार्रवाई को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को माफी मांगनी चाहिए और पद से इस्तीफा देना चाहिए।

घायल छात्रों से मिले राहुल-प्रियंका

उन्होंने संसद परिसर में संवाददाताओं से यह भी कहा कि छात्रों की पिटाई के लिए गृह मंत्री अमित शाह को भी त्यागपत्र देना चाहिए। प्रियंका गांधी ने कहा, ''हम सदन में चर्चा करना चाहते हैं, लेकिन विपक्ष को बात करने नहीं दिया जाता। ये सदन उन्हीं युवाओं का है जिन पर सरकार लाठी चला रही है, आंसू गैस के गोले छोड़ रही है। बच्चों की बात सुनी जाए और शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लिया जाए। '' कांग्रेस के दोनों प्रमुख नेताओं ने राम मनोहर लोहिया अस्पताल पहुंचकर घायल छात्रों से मुलाकात भी की।