नशा मुक्ति केंद्रों की भूमिका समाज के पुनर्निर्माण में अहम: सीजेएम पवन कुमार
भिवानी।
जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के चेयरमैन एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश डीआर. चालिया के निर्देशानुसार मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम)-कम-सचिव पवन कुमार ने जिले के नशा मुक्ति केंद्र का औचक निरीक्षण किया।
इस दौरान उन्होंने केन्द्रों में उपलब्ध व्यवस्थाओं, उपचार प्रक्रियाओं, परामर्श सेवाओं तथा पुनर्वास से जुड़ी सुविधाओं का गहन निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान सीजेएम पवन कुमार ने नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती मरीजों से व्यक्तिगत रूप से संवाद किया। उन्होंने मरीजों से उनके इलाज की स्थिति, दैनिक दिनचर्या, परामर्श सत्रों की उपयोगिता और भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी ली।
मरीजों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति की समस्या नहीं है, बल्कि यह पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। नशे की लत व्यक्ति को मानसिक, शारीरिक और सामाजिक रूप से कमजोर बना देती है, जिससे उसका जीवन अंधकारमय हो जाता है।
सीजेएम पवन कुमार ने कहा कि नशा मुक्ति केंद्रों की भूमिका समाज के पुनर्निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यही वे स्थान हैं जहां नशे की गिरफ्त में आए लोगों को सही दिशा, सकारात्मक सोच और जीवन में नया उद्देश्य मिलता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि नशा मुक्ति केवल दवाइयों के माध्यम से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए नियमित परामर्श, मानसिक मजबूती, आत्मविश्वास और परिवार के सहयोग की भी उतनी ही आवश्यकता होती है।
निरीक्षण के दौरान सीजेएम पवन कुमार ने नशा मुक्ति केंद्र में कार्यरत चिकित्सकों एवं कर्मचारियों से उपचार प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी मरीजों को समय पर चिकित्सा सुविधा, संतुलित आहार, स्वच्छ वातावरण और प्रभावी मानसिक परामर्श उपलब्ध कराया जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि मरीजों की गरिमा और सम्मान बनाए रखना प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि वे स्वयं को समाज से जुड़ा हुआ और आत्मनिर्भर महसूस कर सकें।

