Hanuman Johri Mandir Bhiwani News: वैलनेस सेंटर में चूल्हा पूजन के साथ अनोखी पहल, सीईओ हरीबीर सिंह ने की सराहना

भिवानी के हनुमान जोहड़ी मंदिर में साधक संजीवनी रसोई का शुभारंभ। पारंपरिक चूल्हे और मिट्टी के बर्तनों में मिलेगा सात्विक भोजन।
 
Balyogi Charandas Maharaj

हनुमान जोहड़ी मंदिर में चूल्हा पूजन के साथ हुआ साधक संजीवनी रसोई का शुभारंभ

स्वास्थ्य संवर्धन की दिशा में एक अनुकरणीय पहल है साधक संजीवनी रसोई : सीईओ हरीबीर सिंह

साधक संजीवनी रसोई में सात्विक और पारंपरिक भोजन से मिलेगा बेहतर स्वास्थ्य : चरणदास महाराज

भिवानी, 25 सितंबर : स्थानीय हनुमान ढ़ाणी स्थित हनुमान जोहड़ी मंदिर में संचालित श्रीहनुमान संजीवनी वैलनेस सैंटर में एक नई और सराहनीय पहल की शुरुआत हुई है। शुक्रवार को वैलनेस सैंटर में साधक संजीवनी रसोई का शुभारंभ चूल्हा पूजन कार्यक्रम के साथ किया गया। इस विशेष अवसर पर भिवानी नगर परिषद के सीईओ हरीबीर सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम का पावन सान्निध्य मंदिर के महंत बालयोगी चरणदास महाराज का रहा। चूल्हा पूजन का धार्मिक अनुष्ठान भरतदास महाराज द्वारा संपन्न कराया गया। इस रसोई के निर्माण और व्यवस्था में राजीव मित्तल का विशेष और सराहनीय योगदान रहा।

कार्यक्रम के दौरान महंत बालयोगी चरणदास महाराज ने कहा कि श्रीहनुमान संजीवनी वैलनेस सैंटर लगातार लोगों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने की दिशा में समर्पित भाव से कार्य कर रहा है। इसी कड़ी में साधक संजीवनी रसोई की शुरुआत की गई है, जो लोगों को पूर्णत: सात्विक, स्वस्थ और पौष्टिक आहार उपलब्ध कराएगी। महाराज ने रसोई की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस रसोई में आधुनिक साधनों के बजाय पारंपरिक मिट्टी के बर्तनों और पारंपरिक चूल्हे का उपयोग करके भोजन पकाया जाएगा। मिट्टी के बर्तनों में पका सात्विक भोजन शरीर को प्राकृतिक पोषण देता है और बीमारियों से दूर रखता है। उन्होंने संदेश दिया कि यदि मनुष्य को एक लंबा, रोगमुक्त और स्वस्थ जीवन जीना है, तो उसे अपनी जड़ों की ओर लौटना होगा और हमारी प्राचीन पारंपरिक जीवन शैली तथा खान-पान के तरीकों को अपनाना होगा।

 वही मुख्य अतिथि भिवानी नगर परिषद के सीईओ हरीबीर सिंह ने इस पहल की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि आज के आधुनिक और दौड़-भाग भरे दौर में जहां खान-पान की गलत आदतों के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं, वहीं हनुमान जोहड़ी मंदिर परिसर में शुरू की गई यह साधक संजीवनी रसोई समाज के लिए एक प्रेरणादायक कदम है। उन्होंने कहा कि महंत बालयोगी चरणदास महाराज के मार्गदर्शन में वैलनेस सैंटर द्वारा सात्विक और पारंपरिक भोजन को बढ़ावा देना जन-स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से अत्यंत सराहनीय है। मिट्टी के बर्तनों और चूल्हे पर तैयार भोजन न केवल पौष्टिक होता है बल्कि हमारी समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा का भी प्रतीक है।

गौरतलब होगा कि हनुमान जोहड़ी मंदिर का श्रीहनुमान संजीवनी वैलनेस सैंटर पहले से ही स्वास्थ्य जागरूकता के क्षेत्र में सक्रिय है। अब साधक संजीवनी रसोई के शुरू होने से यहां आने वाले साधकों को न केवल प्राकृतिक और आध्यात्मिक वातावरण मिलेगा, बल्कि शुद्ध, पौष्टिक और पारंपरिक सात्विक आहार का लाभ भी प्राप्त होगा। कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी लोगों ने इस अनूठी पहल का स्वागत किया और इसे भिवानी शहर के लिए एक बेहतरीन सौगात बताया। इस अवसर पर पुजारी ध्यानदास, अमन गुप्ता, कुनाल भारद्वाज, सुशील गुप्ता, समाजसेवी रमेश सैनी, पर्यावरण प्रहरी विजय सिंहमार, सुखविंद्र दुहन, ओमबीर कौशिक, विकास सोनी, हल्केश, रामोतार गुप्ता सहित अनेक श्रद्धालुगण मौजूद रहे।