किसान-मजदूरों की मांगों को लेकर सडक़ पर उतरा संयुक्त किसान मोर्चा
भिवानी :
संयुक्त किसान मोर्चा हरियाणा के आह्वान पर भिवानी इकाई ने सोमवार को उपायुक्त कार्यालय के सामने किसान-मजदूरों की समस्याओं को लेकर प्रदर्शन करते हुए उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भिजवाया। उपायुक्त की तरफ से ज्ञापन लेने समाज कल्याण अधिकारी देवेन्द्र कुमार पहुंचे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता अखिल भारतीय किसान सभा भिवानी ब्लाक की प्रधान संतोष देशवाल व आल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन भिवानी के जिला प्रधान रोहताश सैनी ने संयुक्त रूप से की तथा मंच संचालन किसान सभा के भिवानी ब्लाक सचिव करतार ग्रेवाल ने किया।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए किसान सभा के जिला उपप्रधान एवं मोर्चा सदस्य कामरेड ओमप्रकाश, आल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के जिला प्रधान रोहताश सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार किसान मजदूरों की ज्वलंत समस्यायों का समाधान करने में कोई रूचि नहीं दिखा रही है।
उनकी मांगें है कि अत्याधिक जलभराव/बारिश से बर्बाद खरीफ फसलों का एक लाख रुपए प्रति एकड़ मुआवजा, खेतों में भरे जल भराव की पूरी निकासी, बाजरा, कपास व धान की सरकारी खरीद नहीं करने से हुए नुकसान का भांवातर देने, धान की फसल में नमी 17 प्रतिशत से 22 प्रतिशत छूट, बारिश से नष्ट हुए मकानों का मुआवजा, 2023 के बर्बाद कपास फसल का 350 करोड़ रुपये बीमा फ्राड का समाधान, बकाया ट्यूवैल कनेक्शन जारी करना, डीएपी/ यूरिया खाद उपलब्ध कराना व गांव में 200 दिन 600 रुपए दिहाड़ी पर मनरेगा मजदूरों को काम उपलव्ध करवाने के साथ 20 सूत्री मांगों को शामिल किया गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब, हिमाचल व उतराखंड के मामले में केंद्र सरकार कुछ बाढ़ राहत दी है, परन्तु हरियाणा को कोई मदद नहीं की। अपितु हरियाणा सरकार ने मांग भी नहीं की।
पंजाब सरकार ने 20 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा किसानों के खातों में डाल दिए, परन्तु हरियाणा सरकार ने कोई पैसा नहीं दिया है। केन्द्र व हरियाणा भाजपा सरकार इस संकट की घड़ी में किसान मजदूरों की कोई मदद नहीं कर रहे हैं, इनकी भारी उपेक्षा की है।
इस मौके पर किसान सभा से यादविरेन्द्र शर्मा, पूर्व सरपंच धिराना मनीराम मलिक, अश्वनी मिताथल, प्रताप सिंह सिंहमार, रतन कुमार जिंदल, नरेद्र धनाना, सुखदेव पालवास, उपासना सिंह, आल इंडिया किसान खेत मजदूर से मास्टर बस्तीराम, राजकुमार बासिया, बहादुर सिंह दौलतपुर, नरसिंह, फूलचंद, महेद्र कटारिया, धर्मबीर, रणधीर जाखड़, सुशील सिवाना सहित कई किसान मजदूर नेता शामिल रहे।

