Bhiwani Samrasata Event: भिवानी में गूंजा संत रविदास का समरसता और समानता का संदेश, कलश स्थापना कर लिया संकल्प

संत शिरोमणि गुरु रविदास की जन्मस्थली सीर गोवर्धनपुर (वाराणसी) से लाई गई पवित्र मिट्टी भिवानी पहुंची। बामला टोल और बावड़ी गेट मंदिर में कलश स्थापना कर समरसता का संदेश दिया गया।

 
बावड़ी गेट संत रविदास मंदिर

वाराणसी से भिवानी पहुंची पावन मिट्टी का बामला टोल पर किया स्वागत 


संत रविदास की जन्मस्थली की पावन मिट्टी से भिवानी में गूंजा समरसता, समानता और भाईचारे का संदेश


भिवानी, 05 अगस्त : संत शिरोमणि गुरु रविदास की जन्मस्थली सीर गोवर्धनपुर (वाराणसी) से लाई गई पवित्र मिट्टी बुधवार को भिवानी पहुंची। बावड़ी गेट स्थित संत रविदास मंदिर में आयोजित एक भव्य एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष विरेंद्र कौशिक के नेतृत्व में इस मिट्टी का पूर्ण श्रद्धा, विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ स्वागत, पूजन एवं कलश स्थापना की गई। इस अवसर पर संत समाज, विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों, जनप्रतिनिधियों तथा बड़ी संख्या में विभिन्न वर्गों के लोगों ने उपस्थित होकर नमन किया और सामाजिक समरसता का संकल्प लिया। 

इस मौके पर भाजपा जिला अध्यक्ष विरेंद्र कौशिक ने कहा कि संत रविदास जी की जन्मस्थली की पावन माटी का भिवानी की धरा पर आगमन हम सभी के लिए अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और गौरव का विषय है। संत रविदास ने अपने जीवन और दिव्य विचारों से संपूर्ण मानव जाति को समानता, मानवता, प्रेम और भाईचारे का मार्ग दिखाया। उनके विचार आज भी समाज को एकजुट रखने और आपसी सद्भाव को मजबूत करने की असीम प्रेरणा देते हैं। भिवानी से विधायक घनश्याम सर्राफ ने कहा कि संत रविदास का संपूर्ण जीवन समाज के प्रत्येक वर्ग के लिए प्रेरणास्रोत है। उनके महान विचारों को अपने आचरण में आत्मसात करना और नई पीढ़ी तक पहुंचाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। संत ने समाज को संगठित होकर मानवता के कल्याण पथ पर आगे बढऩे का स्पष्ट संदेश दिया था। बवानीखेड़ा से विधायक कपूर सिंह वाल्मीकि ने कहा कि संत रविदास ने समाज में व्याप्त ऊंच-नीच और जातिगत भेदभाव से ऊपर उठकर सर्वमानव हित को सर्वोच्च स्थान दिया। उनकी पावन जन्मस्थली की माटी का भिवानी पहुंचना एक अत्यंत भावनात्मक और ऐतिहासिक क्षण है। समाज की वास्तविक शक्ति और पहचान आपसी सम्मान, प्रेम, भाईचारे और अखंड एकता में ही निहित है।

भाजपा जिला प्रभारी रेणू डाबला ने कहा कि संत रविदास का समरसता और समानता का दिव्य संदेश किसी एक वर्ग या समुदाय तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संपूर्ण मानव समाज को सत्य और सद्भाव का रास्ता दिखाता है। आज के समय में आवश्यकता इस बात की है कि उनके विचार केवल स्मरण तक सीमित न रहें, बल्कि वे हमारे दैनिक सामाजिक व्यवहार का अभिन्न हिस्सा बनें। उनका संदेश हर व्यक्ति के सम्मान और समाज को जोडऩे की प्रेरणा देता है।

इस अवसर पर संत समाज की ओर से महंत चरणदास महाराज, राजेंद्रदास जमालपुर, बलबीर आनंद, नारायण नाथ तथा कार्यक्रम संयोजक नंदराम धानिया मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इनके अलावा पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष विक्रम सिंह, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य संदीप श्योराण, पूर्व एससी आयोग वाइस चेयरमैन विरेंद्र बडग़ुज्जर, जिला महामंत्री रमेश पचेरवाल, जिला उपाध्यक्ष राजेश जांगड़ा, प्रदीप प्रजापति, विशाल जीत सिंह, शालू अरोड़ा, सुनील शर्मा, मंडल अध्यक्ष शिवराज बागड़ी, सुनील धारेड़ू, नवीता तंवर, धनराज यादव, भारत भूषण महता, सतीश वर्मा, कुलदीप महला, जगत कौशिक, रोहताश चौहान, मुरारी लाल शर्मा, सुनील सांगवान, प्रदीप राणा, सुंदर सिंह तंवर, प्रदीप मुंढाल, सुरेंद्र लांग्यान, जिला आईटी प्रमुख अंकित पालुवास, जिला मीडिया प्रभारी राकेश मिश्रा, जिला मीडिया सह-प्रमुख नितिन भारद्वाज, रमेश सैनी, विजय सिंहमार, रविंद्र बापोड़ा, हर्षवर्धन मान, जगदीश धर्म प्रचारक दिनोद, रोशन लाल एडवोकेट एवं जोगेंद्र चौहान प्रधान सहित दर्जनों सामाजिक एवं धार्मिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का समापन संत रविदास के विचारों को जीवन में उतारने और समाज में शांति व समरसता बनाए रखने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।