SBI से ₹40 लाख कैश गायब,500 के नोट की 8 गड्डियां नहीं मिलीं

 
SBI से ₹40 लाख कैश गायब,500 के नोट की 8 गड्डियां नहीं मिलीं

कुरुक्षेत्र के स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की एक ब्रांच से 40 लाख रुपए के नोट की गड्डियां गायब हो गईं। नोट गायब होने का खुलासा तब हुआ, जब ब्रांच मैनेजर ने रूटीन जांच की और सीसीटीवी फुटेज खंगाली। मामले में बैंक के ही 2 कर्मियों पर गड्डियां गायब करने का आरोप लगा है।

दरअसल, ये रकम पिहोवा ब्रांच की करेंसी चेस्ट से गायब मिली है। ब्रांच मैनेजर तरसेम लाल ने दोनों कैशियर-अकाउंटेंट से कैश गायब होने पर पूछताछ की, लेकिन दोनों कर्मी कोई जवाब नहीं दे पाए। इसके बाद उन्होंने पुलिस में दोनों आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज करवाई।

रूटीन जांच में कैश गायब होने का खुलासाः कुरुक्षेत्र के SBI पिहोवा ब्रांच के लॉकर से 40 लाख रुपए के नोट की गड्डियां गायब होने की बात सामने आई। इसमें बैंक के ही 2 कर्मियों पर गड्डियां गायब करने का आरोप लगा। ब्रांच मैनेजर के पुरानी सीसीटीवी फुटेज देखने पर मामले का खुलासा हुआ। 

ब्रांच मैनेजर तरसेम लाल के मुताबिक 18 नवंबर सुबह करीब 9:30 बजे बैंक में रूटीन जांच की गई। इस जांच में करेंसी चेस्ट के बिन नंबर 26 का निरीक्षण किया गया। बैंक रिकॉर्ड में इस बिन में 90 गड्डियां (हर बंडल में 1 हजार नोट) 500 रुपए के नोट होने चाहिए थे, लेकिन चेस्ट में सिर्फ 82 गड्डियां मिलीं।

 इन 8 गड्डियों के गायब होने से बैंक के 40 लाख रुपए कम पाए गए। इस पर मैनेजर ने कैश ऑफिसर रवि कुमार और अकाउंटेंट करण पाल से पूछताछ की। इन दोनों को बैंक की ओर से करेंसी चेस्ट की जिम्मेदारी दी गई थी। साथ ही उनके पास ही चेस्ट की चाबियां होती है।

पूछताछ में दोनों कर्मी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए, तब बैंक की CCTV फुटेज जांची गई। इससे खुलासा हुआ कि 10 नवंबर को आखिरी निकासी के बाद शेष बंडलों की सही जांच नहीं की। दोनों कर्मियों पर मिलीभगत करके कैश गायब करने का शक है।

कैशियर-अकाउंटेंट पर केस दर्जः ​​बैंक मैनेजर ने सीसीटीवी देखने के बाद पुलिस में शिकायत की। ​शिकायत पर पुलिस ने बैंक के कैश ऑफिसर रवि कुमार और अकाउंटेंट करण पा​​ल के खिलाफ FIR दर्ज की। कर्मियों की विभागीय जांच भी होगी। 

ब्रांच मैनेजर ने DSP पिहोवा निर्मल सिंह को घटना की शिकायत दी गई। उनकी शिकायत पर पुलिस ने थाना सिटी पिहोवा में रवि और करण पाल के खिलाफ BNS की धारा 316 (5) और 318 (4) के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी।