डिजिलॉकर पर डीएमसी उपलब्ध न होने से स्कॉलरशिप और एडमिशन हो रहे है प्रभावित : लांग्यान 

 
डिजिलॉकर पर डीएमसी उपलब्ध न होने से स्कॉलरशिप और एडमिशन हो रहे है प्रभावित : लांग्यान 

भिवानी :

स्थानीय चौ. बंसीलाल विश्वविद्यालय में मंगलवार को एनएसयूआई भिवानी की टीम ने अनेक विद्यार्थियों के साथ मिलकर एनएसयूआई जिला अध्यक्ष मनजीत लांग्यान के नेतृत्व में जोरदार प्रदर्शन किया।

लंबे समय से चल रही रिजल्ट और डीएमसी से जुड़ी समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय के रिजल्ट ब्रांच इंचार्ज को एक ज्ञापन भी सौंपा।

इस दौरान छात्रों में भारी रोष देखने को मिला। ज्ञापन के माध्यम से एनएसयूआई ने मांग उठाई कि रिजल्ट में एमडब्ल्यू और एसेसमेंट नंबरों की गलतियां, बीए द्वितीय सैमेस्टर में सोशलॉजी विषय में पूरे बैच को री-अपीयर मिलना, छात्रों को डिजिलॉकर पर डीएमसी उपलब्ध ना होना जैसी समस्याएं उठाई तथा तत्काल प्रभाव से समाधान की मांग की।

इसके अलावा विश्वविद्यालय में स्थायी हेल्प डेस्क की मांग भी की गई, ताकि छात्रों की समस्याएं तत्काल सुनी जा सकें
      इस मौके पर एनएसयूआई जिला अध्यक्ष मनजीत लांग्यान ने कहा कि परीक्षा देने के बावजूद भी रिजल्ट में उन्हे अनुपस्थित दिखाना विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।

विश्वविद्यालय प्रशासन एक हफ्ते के भीतर सभी गलतियाँ ठीक करे, अन्यथा एनएसयूआई बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होगी।

उन्होंने कहा कि बार-बार समस्याओं से अवगत करवाने व चेतावनी देने के बावजूद भी सीबीएलयू प्रशासन द्वारा लगातार गलतियां की जा रही है, जो किसी सीधे रूप से विद्यार्थियों के भविष्य पर नकारात्मक असर डाल रही है। ऐसे में सीबीएलयू प्रशासन को चाहिए कि वे विद्यार्थियों के प्रति अपने दायित्व को समझे।
    एनएसयूआई छात्र नेता सुमित बराड़ ने कहा कि बीए द्वितीय सैमेस्टर के सोशलॉजी विषय में पूरे बैच को री-अपीयर मिलना गंभीर लापरवाही है।

यह चेकिंग में गड़बड़ी हो सकती है या फिर तकनीकी खामी। वे मांग करते हैं कि कॉपियों की दोबारा जांच कराकर सही परिणाम जारी किया जाए।

एनएसयूआई महिला विंग की प्रतिनिधि कोमल ने कहा कि बड़ी संख्या में छात्राएं डीएमसी न मिलने से परेशान हैं। स्कॉलरशिप, एडमिशन और फॉर्म भरने में सभी की प्रक्रिया रुकी हुई है। विश्वविद्यालय तुरंत सभी डीएमसी को औपचारिक रूप से डिजीलॉकर पर उपलब्ध कराए और एक स्थायी हेल्प डेस्क स्थापित करे।
     एनएसयूआई ने विश्वविद्यालय प्रशासन को स्पष्ट संदेश दिया कि छात्रों की समस्याओं का जल्द और निष्पक्ष समाधान किया जाए तथा जब तक रिजल्ट की गलतियां नहीं सुधारी जातीं, डीएमसी उपलब्ध नहीं होतीं और छात्रों की परेशानी कम नहीं होतीख्एनएसयूआई का संघर्ष जारी रहेगा।
     इस अवसर पर रवि, युवराज बराड़, मुनेश, मोहित, आशीष, जय सिंह, पूजा, मनीषा, कविता, सविता, रविदास, रविना, कोमल, अंजली, दीपिका, मीनाक्षी, रवि, सूरज, मोनू, प्रिया, समीर सहित अनेक विद्यार्थी मौजूद रहे।