भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए मनाई जाती है शिवरात्रि : साध्वी करूणागिरी

 
भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए मनाई जाती है शिवरात्रि : साध्वी करूणागिरी

भिवानी:

सावन मास की शिवरात्रि भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए मनाई जाती है। सावन मास में शिव भक्त पवित्र गंगा जल कावड़ के रूप में गंगा नदी से लेकर आते है, क्योंकि भगवान शिव ने ही अपनी जटाओं में गंगा को समाहित किया था और अपने शहरों, गांवों के मंदिरों में शिवलिंग पर जल चढ़ाकर अपनी मन्नत पूरी करने की भगवान से प्रार्थना करते है। यह कहना है महामंडलेश्वर बालयोगिनी साध्वी करूणागिरी का।

वे लोहड़ बाजार स्थित श्योलाल पूरी मंदिर में शिवलिंग पर जलाभिषेक करने उपरांत श्रद्धालुओं को संबोधित कर रही थी। उन्होंने कहा कि लोहड़ बाजार स्थित श्योलाल पूरी मंदिर में पिछले करीबन 25 वर्षो से शिवलिंग पर धारा प्रवाह शिवलिंग पर जल चढ़ता है और वही पर पिछले 25 वर्षो से अखंड ज्योत जल रही है।

इसीलिए श्योलाल पुरी मंदिर के शिव परिवार चेतन है। वहां पर भक्तगण अपनी मनोकामना पूर्ण करने करने की प्रार्थना करते है और भगवान शिव उनकी मनोकामना पूरी भी करते है। उन्होंने कहा कि शिवरात्रि एक ऐसा पर्व है, जिसमें भक्तगण चार पहर की पूजा-अर्चना करते और कई भक्त तो भूखे रहकर व्रत आदि भी करते है। इस अवसर पर सभी मंदिरों में भक्तों का तांता लगा रहा।