Shyam Singh Rana on Blood Donation: रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं, कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने रादौर में की शिरकत

हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने रादौर में रक्तदान शिविर को संबोधित किया। रक्तदान को बताया महादान।
 
Yamunanagar blood camp

रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं : श्याम सिंह राणा

चंडीगढ़ , 21 सितंबर- हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण, मत्स्य व पशुपालन मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं होता, इसलिए हमें अपने जीवन में रक्तदान अवश्य करना चाहिए।

श्री राणा सेवा संकल्प अभियान के तहत यमुनानगर जिला के रादौर में नगरपालिका की ओर आयोजित रक्तदान शिविर में सम्बोधित कर रहे थे।

कृषि मंत्री ने रक्तदानियों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि रक्त का कोई विकल्प नहीं है तथा एक मनुष्य का रक्त ही दूसरे मनुष्य के काम आता है, जहां एक तरफ रक्तदान दूसरे व्यक्ति की जान बचाता है, वहीं हमें जात-पात व धर्म से ऊपर उठकर मानवता की सच्ची सेवा करने का अवसर भी प्रदान करता है।

श्री राणा ने कहा कि देश व प्रदेश में सेवा संकल्प अभियान के तहत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस सेवा पखवाड़े के तहत देश व प्रदेश में रक्तदान शिविर, स्वच्छता अभियान, आत्मनिर्भर भारत, पेंटिंग प्रतियोगिता, प्रबुद्ध सम्मेलन, हेल्थ चेकअप, मैराथन इत्यादि कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं और ये सभी कार्यक्रम हमें सेवा भाव राष्ट्र के प्रति समर्पित कार्यों की ओर आकर्षित करते हैं।

 प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में देश विकास पथ पर लगातार आगे बढ़ रहा है। देश व प्रदेश में विकास के नए-नए आयाम स्थापित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि रक्तदान करने से किसी जरूरतमंद को नया जीवन मिलता है, यह एक मानवता की उत्तम मिसाल भी है, हमारे देश का युवा रक्तदान करने में हमेशा अपना योगदान देते रहे हैं। उन्होंने कहा कि थैलेसीमिया के मरीजों को लगातार रक्त की आवश्यकता होती है, क्योंकि इस बीमारी से पीड़ित मरीजों में रक्त की कमी होती है जिसके कारण मरीजों को समय-समय पर रक्त जरूरत पड़ती है, क्योंकि इस बीमारी में रक्त की कमी के चलते मरीज की मृत्यु हो सकती है तथा रक्त का कोई अन्य विकल्प भी उपलब्ध नहीं है। स्वास्थ्य विभाग को रक्त की आवश्यकता होती है, जो रक्तदान शिविरों द्वारा ही एकत्र किया जा सकता है।

 कृषि मंत्री ने कहा कि हमें देश के महापुरुषों के जीवन से जीवन जीने की प्रेरणा मिलती है। इसलिए हमारा दायित्व बनता है कि हमें अपने महापुरूषों के जंयतियों पर रक्तदान शिविरों का आयोजन अवश्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि शरीर को स्वस्थ रखने के लिए सुबह की सैर स्वस्थ जीवनशैली का एक सरल और प्रभावी माध्यम है। नियमित रूप से सुबह के समय पैदल चलने से शरीर में सक्रियता बनी रहती है और दिनभर ऊर्जा एवं स्फूर्ति का अनुभव होता है। स्वस्थ शरीर के लिए प्रतिदिन कुछ समय शारीरिक गतिविधियों के लिए निकालना बेहद जरूरी है। सुबह का शांत और स्वच्छ वातावरण मन को सुकून प्रदान करता है। नियमित सैर से दिन की शुरुआत सकारात्मक सोच के साथ होती है तथा व्यक्ति स्वयं को अधिक तरोताजा महसूस करता है।

श्री राणा ने कहा कि इसी कड़ी में 25 सितंबर 2026 को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती को मनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंदर देश सेवा का जज्बा भरा हुआ था, उनका मकसद अंत्योदय की भावना से हर योजना का लाभ गरीब व्यक्ति तक पहुंचाना था। इस प्रकार केंद्र व प्रदेश सरकार अंत्योदय की नीति पर चलते हुए प्रदेश को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने रक्तदान शिविर के माध्यम से भाजपा नेताओं, कार्यकर्ताओं, सरपंचों एवं ग्रामीणों का आह्वान किया कि वह पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती समारोह में परिवार सहित अवश्य पहुंचे।