सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर हर्ष छिक्कारा का मकान सील
सोनीपत में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हर्ष छिक्कारा के नवनिर्मित मकान को नगर निगम सोनीपत ने सील कर दिया है। महलाना रोड पर बनाए गए फार्म हाउस को पर कंस्ट्रक्शन का काम चल रहा था और ग्रेप -3 के नियम निर्माण गतिविधियां करने पर पाबंदियां लगाई गई थी और जहां उनके दोबारा कंस्ट्रक्शन का काम करने के चलते नियमों की अवहेलना की जा रही थी।
इसी के तहत निगम की टीम में शाम को उनके मकान पर पहुंची थी। इस दौरान निगम की टीम द्वारा मौके पर परमिशन से संबंधित अलग-अलग दस्तावेज भी मांगे गए हैं। लेकिन मौके पर कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाए।
जानकारी के अनुसार सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हर्ष छिक्कारा महलाना रोड पर खेतों के बीच महलनुमा तर्ज पर फार्म हाउस का निर्माण करवा रहे थे। दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण के चलते ग्रेप-3 के नियम लागू किए गए थे, जिनके तहत निर्माण गतिविधियों पर रोक थी। बावजूद इसके निर्माण कार्य जारी रहने की सूचना निगम को मिली।
शुक्रवार को नगर निगम की टीम को नियमों की अवहेलना की शिकायत मिली थी। टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की तो पाया गया कि प्रशासन द्वारा निर्माण पर रोक के बावजूद काम किया जा रहा था।
इस पर निगम की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए फार्म हाउस को सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान नगर निगम की टीम ने बिल्डिंग प्लान सहित निर्माण से जुड़ी अन्य आवश्यक अनुमतियों के दस्तावेज मांगे। लेकिन मौके पर हर्ष छिक्कारा की ओर से कोई भी वैध कागजात प्रस्तुत नहीं किए जा सके। निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि निर्माण के लिए पूर्व अनुमति अनिवार्य होती है।
नगर निगम प्रशासन की ओर से यह भी बताया गया कि यदि संबंधित विभागों से किसी प्रकार की अनुमति ली गई है तो मंगलवार तक सभी दस्तावेज जमा करने का समय दिया गया है। फिलहाल सीलिंग की मुख्य वजह ग्रेप-3 नियमों की अवहेलना बताई जा रही है।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हर्ष छिक्कारा के खिलाफ आयुर्वेदिक दवाइयों के घटिया और मानक विहीन दावों के प्रचार को लेकर मामला दर्ज किया गया था।
इस संबंध में आयुष विभाग सोनीपत की संयुक्त टीम ने छापेमारी की कार्रवाई भी की थी। जांच में सामने आया था कि प्रोपराइटर अमित कुमार की फर्म ‘बाबा जी की बूटी’ का लाइसेंस वर्ष 2023 में लापरवाही के चलते रद्द किया जा चुका था। इसके बावजूद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए दवाइयों का प्रचार किए जाने के आरोप लगे थे।
प्रशासन का दावा था कि भ्रामक आयुर्वेदिक दावों के प्रचार से आम जनता की सेहत के साथ गंभीर खिलवाड़ किया जा रहा है। साथ ही दवाइयों की बिक्री के माध्यम से आर्थिक धोखाधड़ी किए जाने की आशंका भी जताई गई थी। आयुर्वेदिक दवाइयों के प्रचार के मामले के बाद अब बिना अनुमति निर्माण पर नगर निगम की कार्रवाई से हर्ष छिक्कारा की मुश्किलें और बढ़ती नजर आ रही हैं। प्रशासन की ओर से आगे भी निगरानी जारी रहने की संभावना जताई जा रही है।

