Marathon Fusion Gold Claim: पारे को सोने में बदलने की वायरल खबर की सच्चाई, जानिए लैब में सोना बनाना क्यों है मुश्किल
अमेरिका की स्टार्टअप कंपनी मैराथन फ्यूजन ने पारे (Mercury) को सोने में बदलने का दावा किया है। जानिए क्या लैब में बने सोने से सोने की कीमतें गिर सकती हैं।
सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच अब एक नई वैज्ञानिक खोज ने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को की स्टार्टअप कंपनी मैराथन फ्यूजन ने दावा किया है कि उसने पारे (मरकरी) को असली और स्थिर सोने में बदलने में सफलता हासिल कर ली है। हालांकि, कंपनी ने अभी तक यह नहीं बताया है कि उसके प्रयोग में कुल कितना सोना तैयार हुआ और न ही इसके वैज्ञानिक आंकड़े सार्वजनिक किए हैं। इस बड़े दावे के बाद एक बार फिर यह पुराना सवाल चर्चा में आ गया है कि क्या वैज्ञानिक वाकई प्रयोगशाला में बड़े पैमाने पर सोना बना सकते हैं और क्या इससे सोने की कीमतें प्रभावित हो सकती हैं?
⚛️ क्या है न्यूक्लियर ट्रांसम्यूटेशन तकनीक? जानिए क्या लैब में बने सोने से गिर सकती हैं बाजार की कीमतें
मैराथन फ्यूजन जिस तकनीक की बात कर रही है, उसे 'न्यूक्लियर ट्रांसम्यूटेशन' यानी परमाणु नाभिक में बदलाव करना कहा जाता है। फ्यूजन रिएक्शन से निकलने वाले न्यूट्रॉन का इस्तेमाल कर मर्करी-198 को मर्करी-197 में बदलकर स्थिर सोना-197 बनाने की बात कही जा रही है। हालांकि, इस प्रक्रिया में रेडियोएक्टिव पदार्थ बनने और उच्च लागत जैसी बड़ी चुनौतियां शामिल हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक यह तकनीक व्यावसायिक स्तर पर सुरक्षित और कम लागत में बड़े पैमाने पर सोना तैयार करने में सफल नहीं होती, तब तक इससे सोने के वैश्विक बाजार या कीमतों पर कोई तत्काल बड़ा असर पड़ने की संभावना नहीं है।