स्वामी ज्ञानानंद महाराज के अवतरण दिवस पर आस्था स्पेशल स्कूल में हुआ भव्य आध्यात्मिक कार्यक्रम
भिवानी। महामंडलेश्वर गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज के पावन अवतरण दिवस के उपलक्ष्य में आस्था स्पेशल स्कूल में श्री कृष्ण कृपा जिओ गीता परिवार द्वारा भव्य, आध्यात्मिक एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन अत्यंत श्रद्धा, भक्ति एवं उत्साह के साथ किया गया। यह आयोजन केवल जन्मोत्सव तक सीमित न रहकर गुरु कृपा, मानव सेवा, संस्कार, आध्यात्मिक चेतना एवं दिव्यांग बच्चों के आत्मविश्वास को समर्पित एक भावपूर्ण उत्सव के रूप में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ गुरुजी के चित्र पर पुष्प अर्पित एवं दीप प्रज्ज्वलित कर गुरु वंदना के साथ किया गया। इसके पश्चात आस्था स्पेशल स्कूल के दिव्यांग बच्चों ने श्रीमद्भगवद्गीता के श्लोकों का अत्यंत मधुर एवं प्रभावशाली उच्चारण कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। बच्चों की स्पष्ट वाणी, आत्मविश्वास एवं भक्ति भाव ने उपस्थित अतिथियों एवं श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों द्वारा प्रेरणादायी प्रवचन, भक्ति संगीत एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गईं, जिनसे पूरा वातावरण भक्तिमय एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत हो गया।
उपस्थित अतिथियों ने बच्चों की प्रतिभा, आत्मविश्वास एवं प्रस्तुति की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया तथा संस्था द्वारा किए जा रहे सेवा कार्यों की प्रशंसा की।
संस्था के संस्थापक विजय शर्मा ने अपने संबोधन में स्वामी ज्ञानानंद महाराज के जीवन, उनके आध्यात्मिक संदेशों एवं समाज के प्रति उनके योगदान पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गुरु का जीवन सदैव मानवता, सेवा, संस्कार एवं अध्यात्म का मार्ग दिखाता है। उन्होंने गीता के श्लोकों का उल्लेख करते हुए कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला एवं मानवता का महान संदेश है। उन्होंने कहा कि आस्था स्पेशल स्कूल में होने वाली प्रत्येक गतिविधि प्रभु कृपा एवं सेवा भावना से प्रेरित है तथा संस्था बच्चों की शिक्षा के साथ-साथ उनके आत्मविश्वास, संस्कार एवं पुनर्वास के लिए भी समर्पित भाव से कार्य कर रही है।
जिओ गीता परिवार की महिला जिला अध्यक्ष एवं स्कूल की प्राचार्या-संचालिका अधिवक्ता सुमन शर्मा ने गुरुजी को नमन करते हुए कहा कि दिव्यांग बच्चों की सेवा ही सच्ची मानव सेवा है और इन बच्चों के चेहरे पर मुस्कान लाना ही संस्था का सबसे बड़ा उद्देश्य है। उन्होंने सभी अतिथियों एवं जिओ गीता परिवार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज के सहयोग एवं आशीर्वाद से ही संस्था निरंतर आगे बढ़ रही है। इस अवसर पर बच्चों को शरबत वितरित कर गुरुजी के प्रति श्रद्धा एवं सेवा भाव प्रकट किया गया।
जिला अध्यक्ष नरेश आहूजा ने कहा कि जहां सच्चे मन से प्रभु का स्मरण एवं सेवा होती है, वहां स्वयं परमात्मा का निवास होता है। उन्होंने कहा कि गुरुजी का अवतरण दिवस दिव्यांग बच्चों के बीच मनाकर जो आत्मिक शांति एवं आनंद प्राप्त हुआ है, उसे शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने आस्था स्पेशल स्कूल को दिव्य आत्माओं का मंदिर बताया।
आत्म प्रकाश टुटेजा ने कहा कि विजय शर्मा एवं अधिवक्ता सुमन शर्मा दिव्यांगजनों के प्रति समर्पण एवं सेवा भाव से कार्य कर रहे हैं। गुरुजी का जन्मोत्सव बच्चों के बीच मनाना समाज के लिए प्रेरणादायी संदेश है कि सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है।
बिशंभर अरोड़ा ने संस्था की गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि आस्था स्पेशल स्कूल दिव्यांगजनों के क्षेत्र में एक उदाहरण बन चुका है। यहां बच्चों की मुस्कान, प्रतिभा एवं आत्मविश्वास देखकर मन गर्व से भर जाता है। उन्होंने कहा कि भिवानी की पावन धरा पर हो रहा यह सेवा कार्य वास्तव में छोटी काशी की पहचान एवं गौरव है।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी अतिथियों ने अनुभव किया कि दिव्यांग बच्चे किसी भी प्रकार से समाज से अलग नहीं हैं, बल्कि उनके भीतर अद्भुत प्रतिभा, आत्मबल एवं ईश्वर प्रदत्त दिव्यता विद्यमान है। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि यदि बच्चों को प्रेम, संस्कार, प्रोत्साहन एवं सही मार्गदर्शन मिले तो वे जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर सकते हैं।
पूरा वातावरण गुरु भक्ति, सेवा, संस्कार, मानवता एवं आध्यात्मिक चेतना से ओत-प्रोत रहा। कार्यक्रम के अंत में सभी ने पूज्य गुरुजी के आदर्शों पर चलने एवं समाज सेवा के कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। यह आयोजन सभी के लिए एक अविस्मरणीय एवं प्रेरणास्पद अनुभव बन गया।
इस अवसर पर समिति के जिला अध्यक्ष नरेश आहूजा, आत्म प्रकाश टुटेजा, बिशंभर अरोड़ा, विनोद छाबड़ा, जेई बिजेश जावला, डॉ. तरुण कुलश्रेष्ठ एवं एडवोकेट सुनील पवार सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

