जिला जेल का सीजेएम ने निरीक्षण कर बंदियों की समस्याएं सुनीं 

 
जिला जेल का सीजेएम ने निरीक्षण कर बंदियों की समस्याएं सुनीं 

भिवानी|

 जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव सह मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) पवन कुमार ने बुधवार को जिला जेल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जेल में बंद बंदियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं एवं उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। निरीक्षण का उद्देश्य बंदियों को दी जा रही मूलभूत सुविधाओं, स्वास्थ्य व्यवस्था तथा विधिक सहायता की स्थिति का जायजा लेना था।
सीजेएम पवन कुमार ने बैरकों, रसोईघर, अस्पताल कक्ष, स्वच्छता व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधों का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने जेल परिसर की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि जेल प्रशासन की जिम्मेदारी है कि बंदियों को मानवीय और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ रह सकें।
निरीक्षण के दौरान सीजेएम पवन कुमार ने बंदियों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। बंदियों ने स्वास्थ्य सुविधाओं, दवाइयों की उपलब्धता, कानूनी सहायता और परिवार से मुलाकात से जुड़े मुद्दे उठाए। इस पर सीजेएम ने आश्वासन दिया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से जरूरतमंद बंदियों को निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि कोई भी बंदी केवल जानकारी के अभाव में न्याय से वंचित न रहे, इसके लिए प्राधिकरण निरंतर प्रयासरत है।
सर्दी के मौसम को ध्यान में रखते हुए सीजेएम पवन कुमार ने जेल अधिकारियों को निर्देश दिए कि बंदियों को पर्याप्त कंबल, गर्म कपड़े और बिस्तर उपलब्ध कराए जाएं।

साथ ही बंदियों के स्वास्थ्य की नियमित जांच कराने तथा बीमार बंदियों को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
जेल अस्पताल कक्ष के निरीक्षण के दौरान उन्होंने दवाओं की उपलब्धता, चिकित्सकीय उपकरणों और डॉक्टरों की उपस्थिति की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी बंदी को इलाज के अभाव में परेशानी नहीं होनी चाहिए और गंभीर रूप से बीमार बंदियों को आवश्यकता अनुसार उच्च चिकित्सा केंद्रों में रेफर किया जाए।
उन्होंने जेल अधिकारियों से कहा कि बंदियों के साथ मानवीय व्यवहार सुनिश्चित किया जाए और उनकी शिकायतों का त्वरित समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि जेल केवल दंड का स्थान नहीं, बल्कि सुधार का केंद्र होना चाहिए, ताकि बंदियों के पुनर्वास और उन्हें समाज की मुख्यधारा में लौटाने में मदद मिल सके।
निरीक्षण के अंत में सीजेएम पवन कुमार ने जेल प्रशासन की व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए कुछ सुधारात्मक सुझाव दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सहयोग से समय-समय पर विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएं, जिससे बंदियों को उनके अधिकारों और कानूनी प्रक्रियाओं की जानकारी मिल सके।
इस अवसर पर जेल अधीक्षक सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सीजेएम के इस निरीक्षण से बंदियों में संतोष देखा गया और उन्होंने उम्मीद जताई कि उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाएगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का यह कदम बंदियों के अधिकारों की रक्षा और जेल व्यवस्था में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।