जिला बाल कल्याण समिति का बड़ा एक्शन , भिक्षावृत्ति में लिप्त बच्चों को कराया मुक्त
भिवानी :
शहर में भिक्षावृत्ति की बढ़ती समस्या पर अंकुश लगाने के लिए जिला बाल कल्याण समिति भिवानी ने एक बड़ा अभियान चलाया है। समिति ने पुलिस विभाग के साथ एक संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर सडक़ों और सार्वजनिक स्थानों से भीख मांग रहे बच्चों को अपने संरक्षण में लिया।
यह जानकारी समिति के सदस्य धीरज सैनी ने देते हुए बताया कि रेस्क्यू के दौरान केवल बच्चों को बचाना ही एकमात्र लक्ष्य नहीं था, बल्कि इस सामाजिक बुराई की जड़ पर प्रहार करना भी था। समिति के सदस्यों ने रेस्क्यू किए गए बच्चों के परिजनों को मौके पर बुलाया।
इस दौरान परिजनों को दो टूक चेतावनी दी गई कि यदि भविष्य में उनके बच्चे दोबारा भीख मांगते पाए गए, तो उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। टीम ने परिजनों को समझाया कि बच्चों से भीख मंगवाना न केवल अपराध है, बल्कि यह उनके भविष्य को अंधकार में धकेलने जैसा है। उन्हें बच्चों को स्कूल भेजने और शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक किया गया।
इस सफल ऑपरेशन को जिला बाल कल्याण समिति के प्रमुख सदस्यों और पुलिस बल की उपस्थिति में अंजाम दिया गया। जिनमें चेयरमैन प्रदीप सिंह तंवर के अलावा सदस्य सतेंद्र तंवर, नीलम रानी, दिनेश अत्री, धीरज सैनी शामिल रहे। इस मौके पर जिला बाल कल्याण समिति भिवानी के चेयरमैन प्रदीप सिंह तंवर ने कहा कि हमारा उद्देश्य भिवानी को भिक्षावृत्ति मुक्त बनाना है।
हमारा लक्ष्य वर्ष 2026 अंत तक भिवानी में बाल भिक्षावृत्ति को खत्म करना है। बच्चों के हाथों में कटोरा नहीं, बल्कि किताबें होनी चाहिए। हमने परिजनों को सख्त हिदायत दी है कि वे बच्चों के बचपन के साथ खिलवाड़ न करें। समिति लगातार ऐसे निरीक्षण जारी रखेगी। समिति ने स्पष्ट किया है कि रेस्क्यू किए गए बच्चों की निगरानी की जाएगी ताकि वे दोबारा इस दलदल में न फंसें। साथ ही, जरूरतमंद परिवारों को सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जोडऩे का प्रयास भी किया जाएगा ताकि आर्थिक तंगी के कारण बच्चों को काम पर न लगाना पड़े।

