छुट्टी से लौटी प्राचार्य की नेम प्लेट गायब, हंगामा
भिवानी।
हरियाणा शेखावाटी ब्रह्मचार्य आश्रम के संस्कृत महाविद्यालय में उस समय विवाद खड़ा हो गया जब एक सप्ताह के अवकाश के बाद ड्यूटी पर लौटीं प्राचार्य सुमन शर्मा ने ट्रस्ट प्रबंधन पर जबरन सेवानिवृत्ति का पत्र थमाने का आरोप लगाया।
प्राचार्या ने कार्यालय के बाहर से अपने नाम की नेम प्लेट हटाए जाने और कार्यालय पर ताला लगाए जाने पर आपत्ति जताई। मामला बढ़ने पर सोमवार को डायल 112 पर कॉल कर पुलिस को मौके पर बुलाया गया। वहीं ट्रस्ट अध्यक्ष ने प्राचार्य के सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है।
प्राचार्या सुमन शर्मा ने बताया कि वह एक सप्ताह के अवकाश पर थीं। 19 जनवरी को जब वह कॉलेज पहुंचीं तो उनके कार्यालय की नेम प्लेट गायब मिली और कार्यालय पर ताला लगा हुआ था।
इसी दौरान उन्हें सेवानिवृत्ति का एक पत्र थमा दिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि न तो उन्होंने स्वेच्छा से सेवानिवृत्ति के लिए कोई आवेदन दिया है और न ही उनकी आयु सेवानिवृत्ति की हुई है।
सुमन शर्मा का कहना है कि जो पत्र उन्हें दिया गया है उसमें नियमानुसार सचिव के हस्ताक्षर होने चाहिए थे लेकिन उस पर केवल नए ट्रस्टी और प्रधान के हस्ताक्षर हैं। उन्होंने बताया कि फिलहाल रजिस्ट्रार, अतिरिक्त उपायुक्त सहित अन्य स्तरों पर समिति को अघोषित किया हुआ है और मामला अदालत में भी विचाराधीन है। ऐसे में प्रबंधन उन्हें जबरन सेवानिवृत्त नहीं कर सकता।
प्राचार्य सुमन शर्मा ने आरोप लगाया कि कॉलेज पहुंचने पर वहां मौजूद कुछ लोगों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। इसके बाद उन्होंने डायल 112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और प्राचार्य के बयान दर्ज किए। उन्होंने तीन लोगों पर अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।
ट्रस्ट में पहले से ही नियम बना हुआ है कि कोई भी कर्मचारी 58 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद सेवानिवृत्त हो जाएगा। सुमन शर्मा 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त हो चुकी हैं। नियमों के अनुसार ही उन्हें सेवानिवृत्त किया गया है। इसमें किसी भी प्रकार का नियम उल्लंघन नहीं किया गया है।

