प्रकृति की गोद में जाने से ही बचेगी दुनिया: आचार्य देवव्रत 

 
प्रकृति की गोद में जाने से ही बचेगी दुनिया: आचार्य देवव्रत 

भिवानी।

गुजरात के महामहिम राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने सोमवार को भिवानी स्थित योग एवं प्राकृतिक प्राकृतिक चिकित्सालय पहुंचे। उनके साथ उनकी धर्मपत्नी एवं गुजरात की प्रथम महिला दर्शना आर्य भी मौजूद रहीं।

आचार्य देवव्रत ने यहां पर नवनिर्मित जगन्नाथ सर्राफ वेलनेस सेंटर का उद्घाटन किया। कार्यक्रम राधा स्वामी संत हुजूर कंवर साहेब जी महाराज के सानिध्य में हुआ। भिवानी-महेंद्रगढ़ लोकसभा क्षेत्र से सांसद धर्मबीर सिंह, विधायक घनश्याम सर्राफ और दादरी से विधायक सुनील सांगवान विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में डीसी साहिल गुप्ता भी मौजूद रहे।

आचार्य देवव्रत ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान मेंं सारा खान-पान जहरीला हो गया है। यहां तक कि मां का दूध भी रासायनिक जहर से अछूता नहीं रहा है। स्वस्थ रहने के लिए इंसान को प्रकृति की गोद में जाना होगा और जीव-जंतु और पशु-पक्षियों की तरह ही प्राकृतिक  रूप से बने खानपान अपनाना होगा। उन्होंने कहा कि पहला सुख निरोगी काया है।
राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि आज पूरी दुनिया में स्वास्थ्य को लेकर चिंता बनी है। बीमारी भगवान की देन नहीं है, इंसान ने स्वयं लगाई है, जबकि भगवान ने इंसान को बुद्धि दी है। उन्होंने कहा कि उत्तम स्वास्थ्य ही धर्म-कर्म और सेवा का आधार है। अस्वस्थ इंसान न सेवा कर सकता है और न ही अपना कोई कार्य कर सकता है।

उन्होंने कहा कि भगवान द्वारा दी गई व्यवस्था में जीने वाला इंसान कभी बीमार नहीं होता। जीव-जंतु भगवान की व्यवस्था के अनुरूप ही रहकर खानपान करते हैं। इंसान को उनसे ही सीख लेनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि कोरोना काल लॉक डाऊन ने सारा ब्रह्मांड स्वच्छ हो गया था। हवा-पानी सब उस समय पवित्र हो गया था, जब इंसान घरों में रहे, लेकिन जैसे ही अपने कोरोना काल समाप्त हुआ, इसके साथ ही फिर से वातावरण प्रदूषित हो गया। उन्होंने नागरिकों से आह्वान करते हुए कहा कि वे फास्ट-फूड, जंक-फूड स्वयं के साथ-साथ बच्चों को दूर रखें।
उन्होंने कहा कि आज देश में करीब 40 लाख लोग प्राकृतिक खेती से जुड़ चुके हैं, जिसका आधार देशी गाय है। गुजरात में आठ लाख और हिमाचल में दो लाख लोग प्राकृतिक खेती करने लगे हैं। उन्होंने कहा कि करीब 40 साल पहले कैंसर, हर्ट अटैक, किडनी, लीवर या डायबटीज से संबंधित बीमारी सुनने को नहीं मिलती थी, लेकिन आज अस्पतालों भी इन बीमारियों के मरीजों की भरमार है और इन बीमारियों को कोई ठोस उपचार नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि बीमारियों से बचने के लिए हमने सबसे धरती को जहरीली होने से बचाना होगा।

आने वाली पीढिय़ों को सुरक्षित रखने के लिए प्राकृतिक खेती को अपनाएं। वहीं खाएं जो हमारा भोजन है, वहीं पीएं जो प्रकृति ने पीने के लिए दिया है। उन्होंने वेलनेस सेंटर खोलने व यहां पर अत्याधुनिक सुविधा देने पर बृजलाल सर्राफ की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक चिकित्सा असाध्य बीमारियों का उपचार है। उन्होंंने वेलनेस सेंटर का अवलोकन भी किया।
राधा स्वामी संत हुजूर कंवर साहेब जी महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि जगन्नाथ सर्राफ वेलनेस सेंटर न केवल भिवानी व आसपास क्षेत्र के लिए बल्कि प्रदेश व देश के कल्याण के लिए मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक चिकित्सा सुगम, सरल और नि.शुल्क है। प्रकृति से जो चीजें हमें मिली हैं, उनमें से उपचार लेकर हम ठीक हो सकते हैं।

उन्होंने कहा कि प्राकृतिक चिकित्सा  के बारे में जागरूकता भी जरूरी है, जबकि पहले हर इंसान प्राकृतिक चिकित्सा ही लेता था। उन्होंने कहा कि वेलनेस सेंटर निर्माण कार्य को पुण्य का कार्य बताया। उन्होंने कहा कि यह मानव कल्याण का रास्ता है।
विधायक घनश्याम सर्राफ ने कहा कि निष्काम भाव से की जाने वाली सेवा हमेशा फलदायक होती है। हमें जरूरतमंदों की मदद करनी चाहिए। वेलनेस सेंटर भी इसका ही एक रूप है। उन्होंने कहा कि वे स्वयं भी लठिया वाली जोहड़ी के जीर्णोद्घार में लगे हैं। उन्होंने कहा कि हमें प्राकृतिक इलाज से जानलेवा बीमारियां ठीक होती हैं।
कार्यक्रम के दौरान वेलनेस सेंटर का निर्माण करवाने वाले बृजलाल सर्राफ ने कहा कि सभी मेहमानों का स्वागत व आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक चिकित्सा में जल, वायु,मिट्टी, धूप और आकाश का समावेश है और वही हमारे शरीर में होता है। उन्होंने कहा कि वे इसी तरह से जनमानस की सेवा में लगे रहेंगे।
कार्यक्रम में प्राकृतिक चिकित्सालय संस्था के प्रधान केके मोहता ने सभी का स्वागत किया। कार्यक्रम में महामहिम राज्यपाल, संत हुजूर कंवर साहेब महाराज और विधायकसर्राफ सहित सभी विशिष्ट मेहमानों को शॉल व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम का संचालन प्रो. हरिकेश पंघाल ने किया।
इस दौरान सीबीएलयू की कुलगुरू प्रो. दीप्ति धर्माणी, शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डॉ. पवन कुमार, सीईओ जिला परिषद अजय चोपड़ा, प्रमुख समाजसेवी संपूर्ण सिंह, रामदेव तायल, भूपेंद्र धर्माणी, प्रवीण गर्ग, शिव रत्न गुप्ता, प्रोमिला सिहाग, सुरेश गुप्ता, सुमित्रा मोहता, केके मोहता, ठा. विक्रम सिंह, मीनू अग्रवाल, संदीप तंवर, धर्मेश शाह, हनुमान सर्राफ, मंजू सर्राफ, बिमला सर्राफ, पिंकी सर्राफ, आशिता सर्राफ, अनुराधा सर्राफ, सरोज रानी, कमला गुरेजा, विजय किशन धारेड़, पवन बुवानीवाला, दीपक बंसल, नगर परिषद चेयरपर्सन प्रतिनिधि भवानी प्रताप सिंह, साध्वी करुणा गिरी, महंत चरणदास, विनोद मिर्ग, नीटू लाखोटिया, हरीश हलवासिया, भानू प्रकाश सहित शहर के अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।