CBLU में  तीन दिवसीय महिला छात्र संसद का हुआ शुभारंभ

 
 CBLU में  तीन दिवसीय महिला छात्र संसद का हुआ शुभारंभ

भिवानी।

चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय भिवानी में महिला छात्र संसद के प्रथम दिन के उद्घाटन समारोह में कुलगुरु  प्रो दीप्ति धर्माणी के दिशा निर्देशन एवं कुलसचिव प्रो भावना शर्मा की मौजूदगी में बतौर मुख्य अतिथि राज्य सूचना आयुक्त नीता खेड़ा एवं बतौर कार्यक्रम अध्यक्ष एआईयू की महासचिव प्रो. पंकज मित्तल ने शिरकत की।

महिला छात्र संसद का शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम में कुलगुरु प्रोफेसर दीप्ति धर्माणी ने कहा कि एआईयू द्वारा विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय महिला छात्र संसद का आयोजन बड़े हर्ष एवं गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि महिला विकास के बिना किसी भी राष्ट्र का विकास संभव नहीं है।

सरकार द्वारा महिला सशक्तिकरण की दिशा में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ,लखपति दीदी,नारी वंदन, एमएसएमई द्वारा महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए मुद्रा योजना सहित अनेक कल्याणकारी योजनाओं एवं नीतियों को लागू कर महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी यह मानते हैं कि 2047 विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने महिलाओं की सहभागिता अनिवार्य है। कुलगुरु ने कहा कि आज महिलाओं की आवाज बुलंद हो रही है। महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलने जा रहा है। अब नारी अबला नहीं सबला है इसकी अष्ट भुजाएं हैं।

उन्होंने कहा कि महिलाएं अधिक सजग,सशक्त एवं संवेदनशीलता के साथ विकसित भारत के लिए 2047 तक कमर कस लें और विश्व में एक बदलाव लाएं। उन्होंने आवासीय सुविधा के लिए राधा स्वामी संत कंवर साहिब का धन्यवाद एवं आभार वक्त किया।  बतौर मुख्य अतिथि राज्य सूचना आयुक्त नीता खेड़ा ने महिला छात्र संसद प्रतिभागिओं को संबोधित करते हुए कहा प्रतिभागी किसी भी कार्यक्रम की जान होते हैं। जब हम वाद विवाद,तर्क वितर्क एवं विचारों की अभिव्यक्ति करते हैं तो बहुत कुछ सीखते हैं इसलिए जीवन भर सीखने की जिज्ञासा एवं सुनने की क्षमता अपने अंदर बनाए रखें।

जीवन में एक अच्छे विद्यार्थी बनें। उन्होंने कहा कि आत्मविश्वास के साथ जीवन में आगे बढ़ें। उन्होंने गिलहरी एवं प्रभु श्रीराम तथा सत्यवान सावित्री एवं यमराज के प्रसंग से महिलाओं को उनकी शक्ति का आभास कराया। बतौर कार्यक्रम अध्यक्ष अतिथि एआईयू की महासचिव प्रो पंकज मित्तल ने एआईयू की ओर से सभी प्रतिभागियों का स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए कहा कि किसी भी राष्ट्र के लिए महिला सशक्तिकरण बहुत महत्वपूर्ण है।

आज समाज में महिलाओं के प्रति दृष्टिकोण बदलाव आया है। सरकार की योजनाओं का महिलाओं को लाभ मिल रहा है। महिलाओं के सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एआईयू द्वारा महिला छात्र सांसद का आयोजन देश भर में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक महिला एक बड़ी रिसर्चर है।

महिलाएं एक दूसरी की सहायता कर उन्हे आगे बढ़ाएं। हनुमान जी की तरह अपनी शक्ति को पहचानें। बड़ा सोचें और राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दें। कुलसचिव प्रो भावना शर्मा ने कहा कि आज महिलाएं प्रत्येक क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर अग्रणी हैं। महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो जीवन में आगे बढ़ना चाहिए।
  डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ सुरेश मालिक ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने अपने गठन के मात्र कुछ वर्षों में खेल, अनुसंधान, शिक्षा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं और देश में अपनी अलग पहचान बनाई है। डीन एफसीएम ने प्रो सुनीता भारतवाल ने सभी अतिथियों का परिचय प्रस्तुत किया।

आयोजन सचिव डॉ सोनल शेखावत ने महिला छात्र संसद कार्यक्रम की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। कार्यक्रम में मंच का संचालन डॉ स्नेहलता ने किया। निर्णायक की भूमिका डॉ अनुराधा, डॉ ईशानी, डॉ सुहाना मदन ने निभाई। महिला छात्र संसद में देशभर के विभिन्न 22 विश्वविद्यालय के प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। इस अवसर पर पूर्व सूचना आयुक्त भूपेंद्र धर्माणी, डॉ अनूप,पूर्व कुलसचिव डॉ जितेंद्र भारद्वाज, प्रो संजीव कुमार,प्रो दिनेश मदान,प्रो ललिता गुप्ता सहित अनेक कर्मचारी,टीम मैनेजर्स एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे।

ये विश्वविद्यालय कर रहे महिला छात्र संसद में सहभागिता-

महिला छात्र संसद में डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर ओपन यूनिवर्सिटी, अहमदाबाद मणिपुर विश्वविद्यालय मणिपुर, सिंघानिया विश्वविद्यालय, सिंघाना इंटगरल विश्वविद्यालय, लखनऊ जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु, सिद्धार्थ नगर, यूपी, गुजरात टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय, जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर, मध्य प्रदेश सेंचुरियन यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट, ओडिशा, श्री गुरु गोबिंद सिंह ट्राईसेंटेनरी यूनिवर्सिटी, गुरुग्राम, बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, लखनऊ, अहमदाबाद यूनिवर्सिटी, लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, दून यूनिवर्सिटी, देहरादून, उत्तराखंड शारदा यूनिवर्सिटी, नोएडा, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़, चौधरी बंसी लाल यूनिवर्सिटी, प्रेम नगर, भिवानी, जीएसएफसी यूनिवर्सिटी, गुजरात, एकेएस यूनिवर्सिटी, सतना पारुल यूनिवर्सिटी, वडोदरा, गुजरात।