भाजपा शासनकाल में किसान व मजदूरों का हित केवल विज्ञापनों व कागजों तक है सीमित : प्रदीप नरवाल

 
भाजपा शासनकाल में किसान व मजदूरों का हित केवल विज्ञापनों व कागजों तक है सीमित : प्रदीप नरवाल

भिवानी :

प्रदेश में किसानों के मुआवजे और मजदूरों के रोजगार के मुद्दे पर राजनीति गर्मा गई है। करीब सात माह पूर्व हुई भारी बारिश के कारण खेतों में हुए जलभराव का अभी तक अधिकत्तर किसानों को मुआवजा नहीं मिलने तथा मनरेगा योजना को बंद किए जाने के विरोध में शुक्रवार को ना केवल कांग्रेस कार्यकर्ताओं, बल्कि आस-पास के क्षेत्र के पीडि़त किसानों व मजदूरों ने कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव प्रदीप नरवाल के नेतृत्व में बवानीखेड़ा की सडक़ों पर उतरकर सरकार को घेरा।
      हांसी चुंगी से लेकर तहसील कार्यालय तक कार्यकर्ताओं और भारी संख्या में जुटे किसान-मजदूरों के साथ रोष मार्च निकालते हुए नरवाल ने तहसीलदार के माध्यम से प्रदेश सरकार के नाम एक ज्ञापन सौंपा। हाथों में झंडे और सरकार विरोधी नारे लगाते हुए किसानों और मजदूरों का जत्था जब तहसील पहुंचा, तो वहां माहौल पूरी तरह गरमा गया।

कांग्रेस राष्ट्रीय प्रदीप नरवाल ने चेताया कि यदि जल्द ही मुआवजे की राशि किसानों के खातों में नहीं डाली गई और मनरेगा को सुचारू रूप से नहीं चलाया गया, तो यह आंदोलन केवल ज्ञापन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे और भी उग्र रूप दिया जाएगा।
     प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस राष्ट्रीय सचिव प्रदीप नरवाल ने भाजपा सरकार की कार्यप्रणाली को किसान व मजदूर विरोधी करार देते हुए तीखे हमले किए। उन्होंने कहा कि सरकार केवल विज्ञापनों में अन्नदाता  व मजदूरों की की हितैषी बनती है, जबकि जमीनी हकीकत इसके ठीक उलट है। उन्होंने कहा कि सात महीने बीत जाने के बाद भी आज तक अधिकत्तर किसानों को मुआवजा नहीं मिला है।

जबकि जलभराव के कारण किसानों की एक फसल बर्बाद होने के साथ-साथ वे अगली फसल की बुवाई से भी वंचित रह गए। ऐसे में उन पर दोहरी मार पड़ी। इसके बावजूद भी किसान अपने नुकसान की भरपाई के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहा है। लेकिन मुआवजा केवल कागजों तक सीमित रह गया।
     नरवाल ने कहा कि वहीं दूसरी ओर ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ मनरेगा को सोची-समझी साजिश के तहत बंद करने का प्रयास किया जा रहा है ताकि गरीब मजदूर बेबस हो जाए। कांग्रेस पार्टी सरकार की इस तानाशाही को बर्दाश्त नहीं करेगी।

उन्होंने मांग की कि जलभराव से पीडि़त सभी किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा दिया जाए तथा मनरेगा योजना को फिर से बहाल किया जाए, ताकि किसान व मजदूरों का सही मायनों में भला हो सकें।
     इस अवसर पर अनिरुद्ध चौधरी, प्रदीप जोगी, एनएसयूआई नेशनल कोर्डिनेटर लक्ष्यजीत सिंह पानु, पूर्व विधायक डा. शिव शंकर भारद्वाज, रेनू बाला, मनदीप सुई, काला मुंढाल, श्यामवीर खरक, उमेश भारद्वाज, राजबीर पार्षद, राजदीप सरपंच, कपूर सिंह, प्रदीप ओला, अनूप बडेसरा, सुरेंद्र दुहन, नीटू रोहनात, संदीप बुरा, शिव कुमार, सुमन कुंगड़,, नरेंद्र तंवर सहित अनेक लोग मौजूद रहे।