सिर का चक्कर आने पर नीम हकीमों की बजाय विशेषज्ञ चिकित्सकों से करवाएं उपचार: विधायक डॉ. कृष्ण
 


वरटाइगो बीमारी नहीं, बल्कि गंभीर संकेत एवं लक्ष्ण: डॉ. कृष्ण

चक्कर आने को हलके में न लें लोग: डॉ. जेसी पासी

फास्ट फूड का ज्यादा सेवन वरटाइगो का एक कारण: डॉ. रंगा
 

 
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भिवानी।

किसी को बार-बार सिर में चक्कर आम समस्या नहीं हैं, बल्कि वरटाइगो बीमारी के लक्षण हैं, इसलिए मरीज व उनके परिजनों को नीम हकीमों के झांसे में आने की बजाय विशेषज्ञ चिकित्सकों से उपचार करवाना चाहिए, क्योंकि वरटाइगो के अनेक लक्षण एवं कारण हो सकते हैं। वरटाइगो के ग्रस्त व्यक्ति का सही मशीनरी से जांच पड़ताल होगी, तभी उसका उपचार संभव हैं, ये बात बावल से विधायक डॉ. कृष्ण कुमार ने कहे। वे रविवार को निजी रेस्तरां में एसोसिएशन ऑफ ऑटोलेरेंगोलॉजी इंडिया की राज्य शाखा द्वारा आयोजित वरटाइगो उपचार पर एक दिवसीय सेमीनार को संबोधित कर रहे थे। सेमीनार में हरियाणा, राजस्थान, पंजाब, उत्तर प्रदेश व दिल्ली से अनेक विशेषज्ञ चिकित्सकों ने शामिल होकर अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए।

उल्लखेनीय हैं कि हांसी रोड स्थित निजी रेस्तरां में एसोसिएशन ऑफ ऑटोलेरेंगोलॉजी इंडिया की राज्य शाखा ने एक दिवसीय वरटाइगो उपचार पर सेमीनार का आयोजन किया, जिसका शुभारंभ बावल के विधायक डॉ. कृष्ण कुमार, वर्ल्ड मेडिकल कॉलेज झज्जर के निदेशक डॉ. जेसी पासी, सिविल सर्जन डॉ. रघुबीर शांडिल्य, रोहतक पीजीआईएमएस के पूर्व ईएनटी विभागाध्यक्ष डॉ. एसपीएस यादव, डॉ. मंदीप सचदेवा, डॉ. उमा गर्ग, डॉ. भूषण पाटील, अरविंद बिजलानी व भारत ईएनटी हॉस्पिटल के संचालक इएनटी विशेषज्ञ डॉ. रुपेंद्र रंगा ने द्वीप प्रज्ज्वलित करके किया। इसके बाद एओआई की जिला शाखा से डॉ. रूपेंद्र रंगा, डॉ. शुभम महता व डॉ. अन्नत बासोतिया ने अतिथियों का शॉल, स्मृति चिन्ह एवं पौधा भेंट कर सम्मानित किया। बावल के विधायक डॉ. कृष्ण कुमार ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार प्रत्येक मेडिकल कॉलेज में आधुनिक मशीनें उपलब्ध करवा रही हैं, जिससे वरटाइगो जैसी बीमारी की गहनता से जांच की जा सके और मरीज को सही उपचार एवं मार्गदर्शन मिल सकें। डॉ. जेसी पासी ने कहा कि वरटाइगो बीमारी के अनेक लक्षण हो सकते हैं, ऐसे में मरीज को विचलित रहता है कि आखिर वह न्यूरोलोजिस्ट या ईएनटी विशेषज्ञ या फिर हड्डी रोग विशेषज्ञ से उपचार करवाएं, इसलिए ऐसे सेमिनारों से बहुत से चिकित्सक एकत्रित होकर शोध पत्र प्रस्तुत करते हैं। डॉ. रुपेंद्र रंगा ने बताया कि आज फास्ट फूड की तरह बच्चों व महिलाओं का ज्यादा रूझान हैं, जो आगे चलकर वरटाइगो जैसी गंभीर बीमारी का कारण बनते हैं, हमे फास्ट फूड से बचना चाहिए, क्योंकि ये वरटाइगो बीमारी के लिए मुख्य कारण मानी जाती हैं। इस मौके पर दिल्ली से डॉ. ईश्वर सिंह, दिल्ली से डॉ. रवि मेहर, चंडीगढ़ मेडिकल कॉलेज के एचओडी डॉ. सुरेंद्र सिंगल, डॉ. एडविन, डॉ. एलएल बुंदेला, डॉ. सरोज रंगा, डॉ. प्रवीन कुमार, डॉ. राज दिसोदिया, पंचकूला से डॉ. सुखदीप कौर, डॉ. गुरूचंद, डॉ. पुष्कर धीर, डॉ. भारत, डॉ. हिमांशी, डॉ. नेहा यादव, डॉ. रीटा सिसोदिया, डॉ. संदीप लाठर, चांदराम बराड़, सुरेंद्र संभ्रवाल, सुरेंद्र वर्मा आदि मौजूद रहे।