भिवानी: पांच हजार साल से भी अधिक पुरानी चिकित्सा पद्धति है योग: रणबीर गंगवा

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भिवानी।

विधानसभा के उपाध्यक्ष रणबीर गंगवा ने कहा कि योग करीब पांच हजार साल पुरानी चिकित्सा पद्धति है, जिसकी खोज भारतीय ऋषि-मुनियों ने अपनी वर्ष तपस्या कर की थी। वर्तमान समय में निरोगी रहने का एकमात्र सरल व सबसे सस्ता माध्यम योग व प्राणायाम है। योग को हमें अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए।
श्री गंगवा बुधवार को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर स्थानीय भीम स्टेडियम में आयोजित जिला स्तरीय योग समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। राज्यसभा के सांसद जनरल डीपी वत्स ने कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत की। योग दिवस कार्यक्रम राजस्थान से पूर्व मंत्री एवं पूर्व पार्टी प्रदेश अध्यक्ष और वर्तमान में भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य अरुण चतुर्वेदी भी शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ आयुर्वेद के जनक भगवान धन्वंतरि के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ किया गया।
अपने संबोधन में गंगवा ने कहा कि वर्तमान समय में खानपान सही नहीं होने की वजह से इंसान अनेक बीमारियों से ग्रस्त हो रहा है। नियमित रूप से योगासन व प्राणायाम करने से हम जानलेवा बीमारियों से भी छुटकारा पा सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बहुत बड़ी उपलब्धि है कि उनके प्रयासों से ही 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया गया और वर्ष 2015 से विश्व भर के देशों में योग दिवस कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। योग की महत्ता को देखते हुए भारत के अलावा विश्व के दूसरे देशों ने भी योग को अपना लिया है। योग की वैज्ञानिक प्रमाणिकता साबित हो चुकी है। कोरोना काल के दौरान योग की महता लोगों को समझ में आई है। उन्होंने कहा कि स्वामी रामदेव ने आम जनमानस को योग के प्रति जागरूक करने का काम किया है।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल के निर्देशानुसार प्रत्येक जिला मुख्यालय, उपमंडल, खंड और गांव स्तर पर भी योग दिवस कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि योग हर घर में प्रत्येक इंसान तक पहुंचे, इसी के चलते अबकी बार हर घर आंगन योग थीम दिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि एक भी नागरिक स्वस्थ न रहे। इसके लिए गांवों में योग व व्यायामशालाएं खोली जा रही हैं। सरकार द्वारा योग सहायक नियुक्त किए जा रहे हैं। उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया वे योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। उन्होंने विशेषकर विद्यार्थियों से प्रतिदिन योगाभ्यास करने को कहा। उन्होंने कहा कि योग से ही हम स्वस्थ रह सकते हैं। योग किसी भी अवस्था में किया जा सकता है, इसमें उम्र का कोई बंधन नहीं है।
कार्यक्रम को विशिष्ट अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए राज्यसभा सांसद जनरल डीपी वत्स ने कहा कि असाध्य बीमारियों को नियमित रूप से योग करके ठीक किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि लोग योगासन को अपने घरों में बैठकर आसानी से कर सकते हैं। योगासन से मानसिक व शारीरिक विकार दूर होते हैं। योग दिवस आयोजित करने का मकसद लोगों को योग के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि बच्चों को बचपन से ही योग करने की आदत डालनी चाहिए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक घनश्याम सर्राफ ने कहा कि योग ही स्वस्थ रहने का उपाय है। बीमारी पर खर्च होने वाले हजारों करोड़ रुपए योग से बचाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि योग का दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार योग के प्रचार-प्रसार को लेकर निरंतर प्रयास कर रहे है। सरकार का प्रयास है कि योग हर घर में प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचे।
उपायुक्त नरेश नरवाल ने मुख्य मेहमानों व योग दिवस समारोह में शामिल योग साधकों का आभार प्रकट करते हुए कहा कि जिला के सभी गांवों, ब्लॉक स्तर पर व उपमंडल स्तर पर योग दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं, जिसमें हजारों लोगों ने योग किया है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण को हरा भरा करने व बनाने व शुद्ध हवा के लिए प्रशासन द्वारा जिला में मानसून सीजन में करीब सात लाख पौधारोपण करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने विशेषकर विद्यार्थियों से योग को दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के समापन पर उपायुक्त नरवाल के निर्देशानुसार वन विभाग द्वारा योगाभ्यास में शामिल विद्यार्थियों को पौधे भी वितरित किए।

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