वैक्सीन को लेकर किसी भी प्रकार की भ्रांति को दूर करना जरूरी:उपायुक्त जयबीर सिंह

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वैक्सीन को लेकर किसी भी प्रकार की भ्रांति को दूर करना जरूरी:डीसी
कोरोना वैक्सीन को लेकर चिकित्सकों व आमजन में व्यापक जनकारी जरूरत: डॉ. ध्रुव चौधरी
डॉ. विद्यासागर चैरिटेबल अस्पताल में आयोजित हुआ वैक्सीनेशन कैंप और सेमिनार
भिवानी, 25 जुलाई। स्थानीय कृष्णा कॉलोनी स्थित डॉ. विद्या सागर चैरिटेबल अस्पताल में वैक्सीनेशन शिविर और कोरोना महामारी संक्रमण से बचाव को लेकर एक सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपायुक्त जयबीर सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की तथा कोविड महामारी से बचाव के स्टेट नोडल ऑफिसर डॉ. धु्रव चौधरी मुख्य वक्ता रहे। कार्यक्रम में उपायुक्त श्री आर्य ने कहा कि कोरोना महामारी संक्रमण से बचाव के लिए वैक्सीन को लेकर किसी भी प्रकार से भ्रांति को दूर करना जरूरी है। मुख्य वक्ता डॉ. धु्रव चौधरी ने कहा कि कोरोना की संभावित तीसरी लहर के प्रति सजग व सावधान रहना जरूरी है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त श्री आर्य ने कहा कि जिला में कोरोना की संभावित तीसरी लहर का सामना करने के लिए जिला प्रशासन व स्वास्थ विभाग द्वारा पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। स्थानीय सामान्य अस्पताल में शीघ्र ही ऑक्सीजन प्लांट स्थापित हो जाएगा और उसके बाद यहां पर ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि बच्चों के उपचार को लेकर स्वास्थ्य विभाग के निर्देशानुसार चिकित्सा स्टाफ सदस्यों को निरंतर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बीमारी के लक्षणों व उसके उपाय के बारे में बताया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोरोना से बचाव का वैक्सीन ही एक मात्र ब्रह्मास्त्र है। सभी वैक्सीन लगवाएं। उन्होंने नागरिकों से कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन लगवाने का आह्वान किया।
प्रदेश के जानेमाने चिकित्सक एवं कोविड-19 के नोडल अधिकारी डॉ. धु्रव चौधरी ने कहा कि चिकित्सकों व आमजन में कोरोना वैक्सीन को लेकर व्यापक जानकारी होना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि आज पूरे विश्व मेें कोरोना वैक्सीन युद्ध चल रहा है और अलग अलग वैक्सीन के अपने-अपने फायदे हैं।
उन्होंने कहा कि सच्चाई यह है कि किसी भी वैक्सीन के केवल नाममात्र साईडएफ्ट हैं और केवल इस सच्चाई से जनता को अवगत करवाना बहुत जरूरी है। उन्होंने चिकित्सकों को सलाह दी कि वे ऐसे लोगों की बारिकी से जांच करें जिनमें कोरोना वैक्सीन के कोई भी बुरे लक्षण दिखाई देते हैं।
डॉ. धु्रव ने सिलसिले वार तरीके से वैक्सीन को लेकर लोगों द्वारा उठाए जाने वाले सवालों की जवाब दिए। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को कोरोना हो चुका है, उन्हें तीन माह के बाद वैक्सीन लेनी चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि एक रिसर्च तो यह भी है कि कोरोना ग्रस्त लोगों को दूसरी डोज की जरूरत ही नहीं पड़ती। क्योंकि जिन्हेें कोरोना हो चुका होता है उनमेें पहले से ही बड़ी मात्रा में एंटीबॉडी मौजूद होते हैं।
डॉ. धु्रव ने कहा कि कोरोना की पहली लहर के समय चिकित्सक व सरकारें इसकी रोकथाम को लेकर अनभिज्ञ थे लेकिन दूसरी लहर के शुरूआती समय को छोडक़र सरकार व चिकित्सकों ने बेहतरीन कार्य किया। कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन एक बड़ा हथियार है। उन्होंने मास्क का इस्तेमाल करने पर बल देते हुए कहा कि भारत जैसे अत्यधिक जनसंख्या वाले देश में सामाजिक दूरी का सिद्धांत लागू होना अत्यधिक मुश्किल है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर सीरो सर्वे के नतीजे उत्साह वर्धक हैं। विशेषतौर पर इन नतीजों के बाद कुछ हद तक यह कहा जा सकता है कि कोरोना की तीसरी लहर छोटे बच्चों पर उतनी ज्यादा घातक नहीं होगी, जितनी सोची गई थी। फिर भी हरियाणा में सरकार तीसरी लहर को लेकर पूरी तरह से सजग है। प्रदेश के सभी अस्पतालों में आक्सीजन के प्लांट लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा अस्पतालों में बच्चों व बड़ों के लिए समुचित व्यवस्था की जा रही है। डॉ. विद्या सागर चैरिटेबल अस्पताल के अध्यक्ष, अधिवक्ता गोपाल कृष्ण पोपली एवं महासचिव समाजसेवी विनोद मिर्ग ने आगन्तुओं का स्वागत किया। कार्यक्रम में भिवानी चौ. बंसीलाल सामान्य अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. रघुबीर शांडिल्य, हरियाणा के सहायक ड्रग कन्ट्रोलर मनमोहन तनेजा, प्रदेश फार्मेसी एसोसिएशन के सचिव विकास परूथी आदि को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। वहीं दूसरी ओर आज के वैक्सीनेशन एवं जागरूकता कैम्प में वैक्सीन लगवाने वालों का उत्साह देखते ही बनता था। बड़ी संख्या में महिलाओं व युवाओं ने भी वैक्सीन लगवाई। कुल 1200 लोगोंं को आज कैम्प में वैक्सीन लगाई गई।
इस अवसर पर आईएमए के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. करण पूनिया, आईएम के जिला अध्यक्ष गुलिया भिवानी महापंचायत के अध्यक्ष सम्पूर्ण सिंह, राम प्रताप शर्मा, देवराज महता, डॉ. विरेंद्र चुघ, उपसिविल सर्जन डॉ. कृष्ण कुमार, डॉ. आशीष मित्तल, अशोक सिंगला, वेद प्रकाश गुप्ता, विजय टूटेजा, सुनील चावला सहित बड़ी संख्या में बुद्धिजीवी व चिकित्सक उपस्थित थे।